*धारा 20, मामले की हो सीबीआई जांच । कैमूर सर्वे एजेंसी व वन विभाग की गलत नीतियों का ही नतीजा। रोशन लाल।*

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–पोकलेन मशीन के संचालन से मजदूर हो रहे हैं पूरी तरह से बेरोजगार।
– खुलेआम पोकलेन मशीन के संचालन पर आखिर क्यों मौन है जिला प्रशासन।
-सरकार मौन ! स्थानीय कल-कारखानों में स्थानीय युवाओं को रोजगार तक नही।

सोनभद्र-सोनांचल संघर्ष वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोशन लाल यादव ने वार्ता के दौरान कहा कि सोनांचल का आदिवासी आज उस धारा 20 की वनभूमि पर अपना हक व अधिकार पाने के लिए संघर्ष कर रहा है जिस पर वो पुश्त दर पुश्त जोत कोड़ कर काबिज है। उसके बाद भी उसको उसका हक नहीं मिल पा रहा है। खदानों में खुलेआम बड़े पैमाने पर पोकलेन मशीन के चलने से बड़े पैमाने पर मजदूर बेरोजगार हो गए हैं उसके बाद भी जिला प्रशासन एकदम मौन है। मजदूरों के हक को भी छीना जा रहा है।
कैमूर सर्वे एजेंसी के काले कारनामों और सरकारों और वनविभाग की गलत नीतियों का ही नतीजा रहा जहाँ एक तरफ लगभग 50 हजार करोड़ का सोनांचल का जल-जंगल और जमीन व पहाड़ राजनेता, उद्यमी और रसूखदार लोगों ने हड़प लिया। समूचा क्रशर उद्योग जो पहाड़ों को खोद कर चल रहा, वो जंगल, पहाड़ सरकार और वन विभाग ने धारा 20 की जमीन होते हुए भी कैसे उनके हवाले कर दिया, सोनभद्र के बाहर के रहने वालों रसूखदार लोगों के नाम कैसे हजारों एकड़ जमीन धारा 20 से मुक्त करके दे दी गई। इतना ही नही बड़े बड़े पहाड़ गहरी खाई में बदल गए‌ सारी साजिश केवल अवैध खनन के लिए की गई तब कोई कायदा कानून नही लागू किया गया धारा 20 व उक्त मामले की सीबीआई जाँच होनी चाहिए कि इतने बड़े पैमाने पर सोनांचल के जंगल पहाड़ कैसे उपनिवेशवादियों के हवाले कर खुलेआम लूट का धंधा चल रहा है।
एक तरफ वन अधिकार कानून 2005 को सरकार लागू करके आदिवासियों और मूलनिवासियों को उनके पुश्तैनी जोत कोड़ की जमीन से धारा 20 से मुक्त कर उन्हें ईमानदारी से पट्टा नहीं देकर सिर्फ उलझाए रखीं हैं पुश्तैनी जोत कोड़ के चलते वनविभाग सोनांचल के आदिवासियों और मूलनिवासियों का वर्षों से वन अधिनियम में मुकद्दमे कर प्रताड़ित करती रही हैं जो सिलसिला आज भी जारी है। आखिर सोनांचल के आदिवासियों और मूलनिवासियों के साथ ये कैसा अन्याय है, कब तक यहाँ का आदिवासी और मूलनिवासी इस दर्दनाक व्यथा के दौर से गुजरता रहेगा।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष रोशन लाल यादव ने यह भी कहा कि सोनांचल के आदिवासी और मूलनिवासी सोनांचल में जहाँ भी धारा 20 की जमीन पर पुश्त दर पुश्त जोत कोड़ करते चले आ रहें उस जमीन को दुबारा सरकार सर्वे कराकर उन जमीनों को धारा 20 से मुक्त कराए और उन्हें पट्टा दे तभी सोनांचल के आदिवासियों और मूलनिवासियों के साथ सच्चा न्याय होगा।।आदिवासियों का हितैसी होने का ढिंढोरा पीटना बन्द करे सरकार जब तक सरकार यहाँ के आदिवासियों को जिनकी जल-जंगल और जमीन सब कुछ कल-कारखाने लगने से सब चला गया, उन्हें पक्का घर बनाके दिया जाए।

वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)

वली अहमद सिद्दीकी एक वरिष्ठ भारतीय पत्रकार हैं और वर्तमान में crimejasoos.news के प्रधान संपादक हैं। उन्होंने पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक समय बिताया है और राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समाचारों को कवर किया है। वे राजनीति और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र क्षेत्र में, के विशेषज्ञ हैं।
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