(मोहम्मद शाहेनूर हसन,”क्राइम जासूस”)
रेणुकूट/सोनभद्र। हिण्डाल्को ग्रामीण विकास विभाग रेणुकूट द्वारा दुद्धी तहसील के कृषकों के विकास एवं उन्नत खेती के माध्यम से आयवर्धन हेतु अनेक कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। इसी क्रम में आदित्य बिड़ला रूरल टेक्नोलॉजी पार्क में दो दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में “भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद” की अनुशांगिक इकाई “कृषि उपयोगी सूक्ष्म जीव ब्यूरो मऊ” द्वारा हिण्डाल्को ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से 150 अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों को आईसीआर के प्रधान वैज्ञानिक आलोक श्रीवास्तव एवं उनकी टीम के सदस्यों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण में डॉ. आलोक द्वारा कार्यशाला में किसानों को मशरूम उत्पादन की विधि बताई गई। उन्होंने सामान्य भूसे या पुआल के भूसे को शोधित कर उसकी पिंडी बनाकर मशरूम के बीज की बुआई की विधि के बारे में विस्तृत रूप से बताया। इसी क्रम में मशरूम की खेती के लिए उपयोगी प्लास्टिक की बड़ी बाल्टी, बड़े, छोटे भगोने, भूसा सुखाने हेतु प्लास्टिक की दरी इत्यादि सामग्री आईसीआर द्वारा प्रत्येक किसान को मशरूम की खेती करने हेतु उपलब्ध कराई गई।

कार्यक्रम के अंत में हिण्डाल्को ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख श्री अविजीत ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि कृषि उपयोगी सूक्ष्म जीव ब्यूरो मऊ की टीम द्वारा किसानों को दिया गया प्रशिक्षण उपयोगी है। इसके साथ ही आयवर्धक भी है जिसका लाभ उठाकर किसान अपनी आमदनी को बढ़ा सकते हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में ग्रामीण विकास विभाग के अनुनय कुमार, राजेश सिंह, प्रशान्त कुशवाहा एवं समस्त ग्रामीण विकास कार्यकर्ताओं का योगदान सराहनीय रहा।

