अशोक मदेशिया
संवाददाता
चोपन/सोनभद। सोन-नदी में बाढ़ का पानी कम होने से स्थानीय लोगों के साथ तटवर्ती इलाके में रहने वाले किसानों ने राहत की सास ली है। सोन नदी में पानी की आवक कम होने से निचले इलाके में खेती के लिए किसान खेतों तक पहुंच रहे है और धान की रोपाई कर रहे है। किसानों ने बताया खेत में नदी का पानी आ जाने से चिंता की लकीर बन गईं थी और लगा था की इस बर फसल नहीं हो पायेगी या होगी भी तो नदी का बाढ़ का पानी फसल को बर्बाद कर देगी। अब सपरिवार सहित धान की गाड़ाई की जा रही है। अभी फसल के लिए समय है और धान की खेती के लिए मिट्टी पक गईं है। बरसात होना बाकी है रोपाई के बाद बरसात हो जाती है तो खेत खिलखिलाकर लहराते नज़र आएंगे। वही 3 दिन से रुकी बारिश से बाज़ार में भी रौनक़ दिख रही है। बारिश की वजह से जो सब्जियों में महंगाई की रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है वो धीरे धीरे कम होने के आसार है। फिलहाल थोक में टमाटर 70 मरचा 100 अदरक 80 धनिया 120 और बैगन के साथ भिंडी 20 का रेट चोपन मार्केट में आसमान छू रहा है।

