अशोक मद्धेशिया
संवाददाता
ओबरा/सोनभ। श्री राम चरित मानस मंदिर समिति ओबरा का कई वर्षों से अवैध रूप से हो रहे संचालन को लेकर SDM ओबरा ने सोमवार की दोपहर में दोनों पक्षों को सूचना देने के साथ ही नगर के गणमान्य लोगों के साथ ओबरा तहसील में एक बैठक किया। बैठक में पूर्व में संचालन कर रहे समिति के लोग उपस्थित नहीं हुए। इस दौरान ओबरा क्षेत्राधिकारी हर्ष पांडेय के मौजूदगी में एसडीएम ओबरा विवेक कुमार सिंह ने मौजूद लोगों से पूरी जानकारी लेने के बाद व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए नगर में शांति व्यवस्था को देखते हुए श्री राम मंदिर,रामलीला मैदान, मानस भवन, धर्मशाला सहित दुकानों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नवीन स्थाई समिति के गठन तक प्रशासनिक देख रेख में संचालन करने की कार्यवाही की गईं। बता दे कि श्री राम चरित मानस मंदिर समिति का रजिस्ट्रेशन बीते 8अक्तूबर 1974 को कराया गया था। इसके बाद अब तक समिति का कोई नवीनीकरण नहीं कराया गया है। वहीं पूर्व समिति संचालन विभिन्न आयोजनों के लिए प्राप्त धनराशि को जमा करने के लिए कोई बैंक खाता भी नहीं खोला गया है।संचालन समिति को लेकर आई आपत्तियों के निस्तारण में एसडीएम ओबरा की जांच आख्या में यह स्पष्ट है कि यह संपत्ति नगर पंचायत ओबरा राज्य सरकार की है।जिसमे नगर पंचायत का हित निहित है। वहीं कार्यालय सहायक रजिस्टार फर्म्स सोसाइटी एवं चिट्स वाराणसी मंडल ने समिति का पंजीयन निरस्त किए जाने का आदेश दिया है। इस मौके पर ऊर्जांचल व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुशील गोयल, एडवोकेट पुष्पराज पांडेय, ऊर्जांचल बार एसोसिएशन ओबरा के अध्यक्ष कपूर चंद पांडे, राम मंदिर के प्रधान पुजारी राम मिलन,पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष उमा शंकर सिंह,ओबरा इंटरकालेज के पूर्व प्रधानाचार्य विजय कुमार,सीबी राय, विशाल गुप्ता, आलोक भाटिया, सुशील कुशवाहा, अनिल सिंह, सहित कई पत्रकार मौजूद रहे।

