सोनभद्र बीजपुर नुरिया मुहल्ला स्थित जुलूस मार्केट से एनटीपीसी गेट से कर्बला से पाक मिट्टी लाकर चौक पर रखा। उसी प्रकार प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी मोहर्रम अखाड़ा जुलुस की शक्ल में गाजे बाजे के साथ मिट्टी लेने क़र्बला के जानिब गया।
जुलूस के दौरान लोगों ने दिखाई हैरतअंगेज करतब।
जुलूस के दौरान लोगों ने दिखाई हैरतअंगेज करतब।
मुस्लिम मान्यताओं के हिसाब से मोहर्रम गम का महीना है। इस महीने में पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन अपने 72 साथियों के साथ शहीद हो गए थे। इसलिए इस महीने में गम मनाया जाता है। मोहर्रम का चांद जैसे ही नजर आता है, अजादार अपने इमाम के गम में गमजदा हो जाते हैं।
उनकी शहादत की याद में मुहर्रम पर ताजिया निकाला जाता है। यह ताजिया पैगंबर मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और हजरत इमाम हसन के मकबरों का प्रतिरूप होते हैं। जुलूस के दौरान सुरक्षा की दृष्टि चौकी प्रभारी सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे

