साप्ताहिक बंदी को नहीं मानते, बड़े कपड़ा व्यवसायी व अन्य दुकानदार।

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अशोक मद्धेशिया
संवाददाता
चोपन/सोनभद्र। नगर के बड़े कपड़ा व्यवसायी व अन्य दुकान दार शासन के साप्ताहिक बंदी को नहीं मानते हुए अनवरत् की भांति अपनी दुकान खोले हुए हैं जो शासन के नियम विरुध्द है।
इसके बावजूद श्रम-विभाग मौन है इस चुप्पी क्या वजह है ऐ श्रम-विभाग जाने विभाग मौन तोड़ते हुए शासनादेश के अनुसार सप्ताह में बंदी को कड़ाई से लागू करते हुए दुकान सोमवार को बंद करायें।
क्योकि इनके लापरवाही के कारण जो मजदूर दुकानों में काम करते हैं उन मजदूरों की छुट्टी दुकान खुले होनै के कारण खत्म हो जाता है और उन्हे मजबूरी में दुकान आना पड़ता है। जो सरासर मजदूरों का शोषण हैं।जो मजदूर जहां रहता है उसका श्रम-विभाग में दुकान दार के नाम से मजदूरों का पंजीयन होना चाहिए जो नियम-संगत हैं तभी तो दुकान-दार उनका पी-एफ डालेगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं है।
किसी दुकान-दार के पास इसका मूल कारण श्रम-विभाग की लापरवाही हैं या सुत्रों से ज्ञात होता है कि दुकानदारों से श्रम-विभाग की सेटिग हैं इसी कारण श्रम-विभाग-मौन हैं।
श्रम-विभाग नैतिकता का परिचय देते हुए नियमानुसार सभी दुकानें जो बंदी की श्रेणी में आता है उन्हें सोमवार को बंद करायें तभी तो नियम का पालन होगा।

वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)

वली अहमद सिद्दीकी एक वरिष्ठ भारतीय पत्रकार हैं और वर्तमान में crimejasoos.news के प्रधान संपादक हैं। उन्होंने पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक समय बिताया है और राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समाचारों को कवर किया है। वे राजनीति और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र क्षेत्र में, के विशेषज्ञ हैं।
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