सेराजुल हुदा
दुद्धी / सोनभद्र | वर्ष 1988 मे पहली बार दुद्धी नगर पंचायत का गठन होने के तदोपरांत हुए नगर पंचायत चुनाव मे जीत का सौभाग्य प्राप्त करने वाले वरिष्ठ व्यावसायी , मृदुल भाषी एवं दुद्धी मे टाउन क्रिकेट क्लब के जनक गोपाल दास जायसवाल का पार्थिव शरीर बुधवार की दोपहर कनहर -ठेमा नदी के संगम तट पर पंचतत्व मे विलीन हो गया | गोपाल दास जायसवाल के पुत्र उत्कर्ष जायसवाल ने उन्हें मुखाग्नि दी और देखते ही देखते वे पंचतत्व में विलीन हो गए ,इस दौरान भारी संख्या मे नगरवासियों ने शमशान घाट पर अंतिम दर्शन कर उन्हें आखिरी विदाई दी| उनके निधन पर बुधवार को जगह- जगह शोक सभा आयोजित की गई ,उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने संकट मोचन मंदिर प्रांगण मे ,टीसीडी के खिलाड़ियों ने टाउन क्लब मैदान पर,अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर मे शोक सभा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और न्यायिक कार्य से विरत रहें |
बता दे कि क़स्बे के प्रथम नगर पंचायत अध्यक्ष चुने जाने वाले गोपाल दास जायसवाल की मंगलवार की सुबह पेट फूलने की शिकायत पर स्थानीय सीएचसी दुद्धी मे भर्ती कराया गया ,जहाँ उपचार उपरान्त चिकित्साधीक्षक डॉ शाह आलम अंसारी द्वारा दोपहर दो बजे छोड़ दिया गया जब वे घर आये तो शाम 5 बजे एकाएक तबियत बिगड़ने की शिकायत पर उन्हें पुनः चिकित्सक को दिखाया गया ,परीक्षण उपरान्त चिकित्सक डॉ शाह आलम अंसारी ने उन्हें बाहर दिखाने की सलाह दी ,परिजन उन्हें लेकर वाराणसी प्रस्थान कर गए ,कि जैसे ही मारकुंडी घाट पहुँचे उनकी सांसे थम गई ,परिजन रात्रि मे पार्थिव शरीर के साथ वापस घर आये और बुधवार को दोपहर कनहर- ठेमा नदी के संगम तट पर उनका दाह संस्कार किया गया|इस दौरान लोग उनके व्यक्तित्व व नगर पंचायत अध्यक्ष के कार्यकाल के सराहते नही थके |वे सभी धर्म के प्रिय थे इसका नजारा उनके आवास व कनहर ठेमा संगम तट पर देखने को मिला ,उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए लोग उमड़े रहे|
आपको मालूम रहे कि वर्ष 1988 से वर्ष 2005 के बीच वे दो बार नगर पंचायत अध्यक्ष रहें, जबकि एक बार इनकी पत्नी नगर पंचायत अध्यक्ष रहीं ,वहीं इसी दरमियान टाउन क्रिकेट क्लब दुद्धी के भी अध्यक्ष बने और यहाँ पूरे वर्ष मे मात्र एक बार होने वाले क्रिकेट टूर्नामेंट को आकाश के ऊंचाई तक ले जाने का काम किया था | एैसे वयक्तितव के धनी व दुद्धी नगर पंचायत के प्रथम चेयरमैन स्व० गोपाल दास जयसवाल यहाँ के इतिहास के पन्नों मे अमर साबित रहेंगे |

