(दुद्धी सोनभद्र)बघाडू वन रेंज के डूमरडीहा गांव में पानी की तलास में जंगल से भटककर एक चीतल आबादी वाले क्षेत्र में बने कुएं में गिर गया।ग्रामीणों की सूचना पर काफी देर बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से घायल चीतल को को काफी मशक्कत के बाद कुएं से बाहर निकाला। सूखे कुएं में गिरने के कारण चीतल को काफी चोट लगी है। चीतल की हालत गंभीर देखते हुए इलाज के लिए वन विभाग की टीम पशु चिकित्सालय ले गई है।
जंगलों में पानी की व्यवस्था न होने के कारण जंगली जानवर आ जाते है आबादी वाले इलाके मे बता दे की जैसे ही गर्मी का दिन आता है जंगलों में पानी की व्यवस्था न होने के कारण जंगली जानवर आसपास के आबादी वाले गांव की ओर रुख करते हैं। इसी दौरान वह हादसे का शिकार हो जाते हैं। जबकि वन विभाग द्वारा गर्मी शुरू होने से से पहले जंगलों में जगह जगह वाटर होल का निर्माण कराकर
पानी की व्यवस्था करनी होती है परंतु विभाग की शिथिलता के कारण दुर्लभ प्रजाति के जानवर हादसे का शिकार होकर खत्म होने के कगार पर है। चीतल एक दुर्लभ प्रजाति में आता है। पिछले वर्ष भी इसी गर्मी में कई नर और मादा चितलो की पानी के तलास में भड़काने के कारण आबादी वाले क्षेत्र में बने कुएं और कूपो में गिरने से मौत हो गई थी।
वन विभाग के कर्मियों ने बताया कि बीती रात चीतल जंगल से भटकते हुए आबादी वाले गांव डुमरडीहा अनेश्वर कुशवाहा के घर के पीछे एक सूखे कुएं में गिर गया था। आज सुबह ग्रामीणों द्वारा जानकारी दी गई इसके बाद वन विभाग की टीम वहा पहुंची और ग्रामीणों की मदद से घायल चीतल को बाहर निकाला गया तथा इलाज करने के बाद उसे हाथीनाला के जंगल में उक्त चीतल को छोड़ दिया गया।

