अनिल जायसवाल
संवाददाता
डाला/सोनभद्र। पूर्व में ग्राम पंचायत कोटा के द्वारा एक पुलिया निर्माण करवाया गया था जिसको नगर पंचायत के मरम्मत ना करवाते हुए उसके जगह नए सिरे से पुलिया निर्माण हेतु टेंडर करवा दिया गया, जो सरकारी धन का बंदरबाट बनने से पहले ही दिखाई देने लगा। प्राप्त जानकारी अनुसार नगर पंचायत -डाला बाजार के वार्ड 4 स्थित बहादुर गोंड के घर के पास ग्राम पंचायत कोटा द्वारा पुलिया का नितमान कराया गया था। जिसमे मात्र मरम्मत की आवश्यकता है। जहां नगरपंचायत द्वारा कमीशन के छक्कर में नए सिरे से निर्माण करने की अनुमति का टेंडर जारी कर दिया गया। वही अभी सड़क अपनी जगह अपनी गरिमा में जैसे का तैसा है। मौके पर पुलिया में मात्र एक जगह लगभग 1 मीटर के दायरे में पुराने बोल्डर सरक गए है। जिसमे मरम्मत किया जा सकता है। फिरभी अनदेखी क्यों। आपको बताते चलें कि पुलिया का निर्माण नए सिरे से सात लाख उन्नीस हजार की लागत से तैयार होना है। जिसमे पहले से बोल्डर लगे हुए है। जिस पर ठेकेदार/नगर पंचायत जिम्मेदारों की पैनी नजर लगी हुई है। वही पंचायत प्रशासन द्वारा कराए जा रहे कार्य पर को लेकर नगर के कोने-कोने में चार्चाओ का विषय बना हुआ है। नगर पंचायत डाला द्वारा पुलिया 2 मीटर स्पॉन का बनाने का टेंडर पास किया गया है। जबकि पहले से पुलिया का निर्माण लगभग 4 मीटर स्पॉन का बनाया गया है। इन प्रतिक्रियाओं से ज्ञात हो रहा है कि कही न कही नगर पंचायत डाला द्वारा भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना है ।
पुलिया के नाम हुए टेंडर में गड़बड़ झाला, जो जनता के समझ से परे, अधिकारी व ठेकेदार की कट रही मलाई
By: वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)
On: Monday, March 11, 2024 4:12 PM
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