बग्घा सिंह,
बीजपुर(सोनभद्र) रेणुकोट बीजपुर सड़क मार्ग पर बकरिहवा से बीजपुर तक 25 किलोमीटर सड़क का कचूमर निकल गया है।जगह जगह बड़े बड़े गढ्ढे में तब्दील सड़क की जगह अब केवल गढ्ढा ही नजर आ रहा है। समूचे दिन वाहनों के पहिये से उड़ रही राख मिट्टी और गिट्टी से आयेदिन राहगीर चोटिल हो रहे हैं तो सड़क किनारे आबाद बस्ती के रहवासियों का जीवन नारकीय बन गया है दुपहिया वाहनों से इस सड़क पर सफर करना मौत को दावत देने के समान हो गया है। सफर के दौरान गढ्ढा बचाने के चक्कर मे आयेदिन हो रही दुर्घटना से अकाल मौत का ग्राफ बढ़ गया है इस लिए लोगबाग अब इस सड़क को किलर रोड़ के नाम से पुकारने लगे हैं। महज 25 किलोमीटर का सफर एक से डेढ़ घण्टा में पूरा होने के कारण लोगों का समय और श्रम दोनों बर्वाद हो रहा है। ओवरलोड़ राख संचालन के कारण एक दर्जन पुल और पुलिया जर्जर होकर जान लेवा बन गए है जो कभी भी बड़े हादसे को अंजाम दे सकते हैं।
सफर के दौरान राख परिवहन में लगे सैकडों हाइवा ने सड़क की एक परत को जगह जगह से उखाड़ दिया है विभागीय उदासीनता के कारण रखरखाव और मरम्मत के अभाव में पटरी पर इकठ्ठा जीरा गिट्टी बाइक चालकों के लिए फिसलन बनी हुई है।इसी मार्ग पर बकरिहवा से बीजपुर तक हजारों बच्चे विभिन्न विद्यालयों में रोज पढ़ने आते जाते हैं जिसके कारण अभिभावक चिंतित हो गए हैं।क्षेत्र के सम्भ्रांतजनों सहित ग्राम प्रधानों ने जिलाधिकारी से स्वतः संज्ञान लेकर जनहित में तत्काल जर्जर हो चुकी सड़क और पुलिया को बनाए जाने की मांग की है। जानकारी के लिए अवर अभियंता लोकनिर्माण विभाग विनोद भारती से बात की गयी तो जन्हों ने कहा शासन स्तर पर स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा गया है जल्द स्वीकृति मिलते ही बीजपुर से बकरिहवा तक सड़क का काम युद्धस्तर पर शुरू कराया जाएगा कहा कि सम्भवतः सप्ताह दस दिन में कार्य शुरू होने की संभावना है।

