बीजपुर(सोनभद्र) जरहा वनरेंज क्षेत्र के बिभिन्न नदियों से अलग अलग साइट पर अबैध बालू खनन कर गाँवों में हो रहे विकास कार्य में खपाया जा रहा है।मिली जानकारी पर गौरकरें तो पिंडारी गाँव के बिच्छी नदी,जरहा के अंजीर नदी,लीलाडेवा, नीमडॉडं,कोचिला,गजरीडॉंडं, जरहा राजो के मोहारे सहित बघाडू ,खम्हरिया, महरिकला के रिहन्द जलाशय के पेट क्षेत्र से बालू खनन का गोरखधंधा धड़ल्ले से संचालित हो रहा है।सूत्रों पर भरोसा करें तो अबैध बालू खनन में दर्जनों ट्रैक्टर और टिपर को रात में संचालित कराने के पीछे वन क्षेत्र के बीट में तैनात वन कर्मियों की संलिप्तता बताई जा रही है।गाँवों में निर्माणाधीन मकान,आवास, शौचालय,पुलिया सीसी सड़क सहित महरीकला गाँव में दो जगह बनाई जा रही सीसी सड़क में धड़ल्ले से लोकल नदियों के बालू और सोलिंग का प्रयोग होने से नदियों जगलो सहित रिहंद जलाशय का अस्तित्व समाप्त होने के कगार पर है।
जनचर्चा पर गौरकरें तो गाँवों के ग्राम प्रधान और जनप्रतिनिधि तथा सफेद पोश नेता खेती किसानी के नाम पर ट्रैक्टर खरीद लिए हैं लेकिन उनका मुख्य उद्देश्य अबैध बालू खनन से रातों रात मालामाल होना है। कमोबेश इलाके में संचालित दर्जनों टिपर केवल बालू खनन में लगाएं गए है जो रात में खनन और परिवहन को अंजाम देकर ग्रामीणों की नींद हराम करने में लगे हुए हैं।बताया गया कि जरहा के पौतीपाथर में तो एक कोटेदार खनन माफिया ने कई टिपर और ट्रैक्टर से प्रतिदिन पूरी रात खनन को अंजाम देकर शिकायत कर्ताओं को चुनौती तक दे दी है। रेंजर जरहा राजेश सिंह ने कहा कि रात में छापामारी कर सीज करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

