रवि सिंह,,
दुद्धी, सोनभद्र। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के आह्वान पर बुधवार को दुद्धी में हापुड़ जिले में निहत्थे अधिवक्ताओं पर पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्वक लाठी चार्ज करने तथा शासन प्रशासन द्वारा उसके परिप्रेक्ष्य में कोई प्रभावी कार्यवाही नही होने से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने जमकर प्रदर्शन करते हुए तहसील परिसर पहुचकर उप जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए।धरना करीब 3 घण्टे तक चली।धरने को सम्बोधित करते हुए अधिवक्ताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार पर जमकर भड़ास निकाली।वक्ताओं ने कहा कि अब यह लड़ाई आर पार की लड़ाई हैं।जब सरकार हमें सम्मान दे नही सकती तो उनके मातहत पुलिस कर्मियों द्वारा बर्बरता करना कहा तक उचित है।कहा कि भारत में जब जब महिलाओं पर अत्याचार हुआ है तब तब अहंकार का विनाश हुआ है और कलयुग में इसका उदाहरण बनने जा रही है हापुड़ की अधिवक्ता बहन त्यागी।
धरने को दुद्धी बार अध्यक्ष रामपाल जौहरी,सिविल बार अध्यक्ष रामलोचन तिवारी,सत्यनारायण यादव,कुलभूषण पाण्डेय,जितेन्द्र श्रीवास्तव सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने सम्बोधित किया।
अंत में संयुक्त बार के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम सम्बोधित ज्ञापन नवागत नायब तहसीलदार विदिक तिवारी को सौंपा।अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को भेंजे ज्ञापन कहा है कि हापुड़ जिले में निहत्थे अधिवक्ताओं पर जिस प्रकार लाठी चार्ज की गई और दोषी पुलिस कर्मियों के ऊपर किसी भी प्रकार के कार्यवाही न करने से सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश के अधिवक्तागण दुःखी व आहत है तथा दोषी पुलिस कर्मियों के विरूद्ध कार्यवाही न किये जाने की घोर निन्दा एवं भर्त्सना करते हैं।धरना प्रदर्शन दुद्धी बार अध्यक्ष की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई जबकि धरने का संचालन सचिव दिनेश कुमार एड0 ने किया।
इस दौरान जितेंद्र श्रीवास्तव, सत्यनारायण यादव,प्रेमचंद यादव,राकेश श्रीवास्तव,प्रभु सिंह कुशवाहा, कैलाश गुप्ता, रामपाल जौहरी, रामलोचन तिवारी,कुलभूषण पाण्डेय,आनन्द गुप्ता,रविन्द्र यादव,अरुणोदय जौहरी,विष्णु सिंह, अभिनाथ यादव,सत्यदेव यादव,आदर्श कुमार,आशीष गुप्ता,ओमप्रकाश, अंजनी,संतोष सहित काफी संख्या में अधिवक्ता गण मौजूद रहे।
ये है अधिवक्ताओं की मांग –
1. जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक हापुड़ का अबिलम्ब स्थानानतरण किया जाये।
2. प्रदेश भर में अधिवक्ताओं के विरूद्ध पुलिस ने मनगढ़ंत झूठी कहानी बनाकर जो मुकदमें दर्ज किये है, उन्हे वापस (स्पंज) किया जाये।
3. एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट पारित कर तुरंत प्रदेश में लागू किया जाये। 4. हापुड़ के घायल अधिवक्ताओं को तुरन्त मुआवजा दिया जाये।

