शक्तिनगर/सोनभद्र ,
संत जोसेफ स्कूल में,आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत राष्ट्रीय एकीकरण एवं सामाजिक मूल्यों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम
एनटीपीसी शक्तिनगर के आवासीय परिसर में स्थित संत जोसेफ स्कूल में नव साधना कला केंद्र, वाराणसी के विद्यार्थियों द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत राष्ट्रीय अखंडता, एकीकरण एवं सामाजिक मूल्यों पर आधृत सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य ने नवसाधना कला केंद्र, वाराणसी के कार्यक्रम-समन्वयक फादर सी आर जस्टी को पुष्पगुच्छ भेंट कर किया और विद्यार्थियों व शिक्षकों के समक्ष कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। विद्यार्थियों ने सर्वप्रथम ‘हमें माफ कर दो’ एवं ‘बेटा तुम कहाँ हो’ शीर्षक विषयक नृत्य-नाटिका के माध्यम से पारिवारिक समस्याओं को उजागर कर परिवार की एकजुटता व सद्भाव का आरव संदेश दिया। कार्यक्रम की अगली कड़ी में ‘मोबाइल व इंटरनेट’ के फायदे व दुष्प्रभाव को उल्लिखित करने वाली शिक्षाप्रद नाट्य-प्रस्तुति देकर छात्रों को मोबाइल के सदुपयोग हेतु जागृत किया साथ ही ‘पर्यावरण-संरक्षण’ को दृष्टिगत करते हुए वृक्षारोपण की महत्ता पर नृत्य के माध्यम से उसकी उपादेयता को उपस्थापित किया। विभिन्न लोकनृत्य, नाटिका व गीत की सहज प्रस्तुति के माध्यम से उपस्थित सभागार को झंकृत करने का कार्य विद्यार्थियों शिल्पी, सिमरन, अलिशा, अलीशा, अंकिता, बर्नाडेट, दुर्गा, जेनिफर, मीरा, मधु, मीरा नग, नेहा, साक्षी, सलीमा, सपना, शालिनी, शांतिलता, श्वेता तथा विनीता की टीम ने किया। कार्यक्रम के संयोजन में बिनोय, चंदन शर्मा तथा अतुल का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय एकीकरण विषयक नृत्य-प्रस्तुति ‘रंग-बिरंगे फूलों सा एक गुलिस्तां देश है मेरा’ के माध्यम से उपस्थित जनमानस में राष्ट्रीय चेतना से उत्साह का संचार कर दिया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य फादर आर्चीबाल्ड डिसिल्वा ने नवसाधना कला केंद्र के प्रति अपना आभार ज्ञापित करते हुए कहा कि प्रतिभा किसी परीक्षा की मोहताज नहीं होती है। प्रतिभाशाली व्यक्ति स्वयं ही अपने परिश्रम द्वारा उच्चतम शिखर को प्राप्त कर लेता है। कार्यक्रम-समन्वयक द्वारा विद्यालय के प्रधानाचार्य को स्मृति-चिह्न भेंट कर अपनी परंपरा का निर्वाह किया। कार्यक्रम में समस्त शिक्षकगण व विद्यार्थी उपस्थित रहे, मंच संचालन भौतिकी प्रवक्ता विमल शर्मा ने किया।

