सेराजुल होदा
दुद्धी सोनभद्र। कनहर सिंचाई परियोजना बांध के निर्माण बरसात से पहले बांध को बांध दिया गया है। इस बार बरसात से पहले नदी को बांधने के कारण कई गांव की जल समाधि मैं तब्दील हो जाएगा। कनहर बांध में पागन नदी और कनहर नदी दोनों नदियों की पानी बांध में एकत्र होगा जिससे घूमने वाले सुंदरी को रची भी शूर सु गवा मान दूध मनिया आदि सहित कई गांव की नदी की बाढ़ कि पानी एकत्र होने से कई गांव की जल समाधि में तब्दील हो जाएगा और गांव का नामोनिशान हमेशा हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा। अभी बांधने फिलहाल 255 फिट पानी एकत्र किए जाने का प्लान सिंचाई विभाग के द्वारा बनाया गया है। इस बार बरसात का क्या रुख है सिंचाई विभाग के अधिकारी आकलन करेंगे उसके बाद गांव डूबने की खतरे का भी अनुमान लगाया जाएगा कि कहीं से कोई विशेष हानि ना हो तथा जनहानि के खतरे को रोका जा सके। इसके लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने पहले से ही विस्थापितों को वहां से हट जाने का निर्देश दिया है और बहुत सारे मकानों का डिमोलिश किया गया है। आने वाले बरसात को देखते हुए डूब क्षेत्र के विस्थापित अपने मकान को खाली कर रहे हैं और मकान में रखे सामान को धीरे-धीरे डूब क्षेत्र वाले एरिया से बाहर सिंचाई विभाग के मिले प्लांट आवंटन के यहां अपना सामान एकत्र कर रहे हैं वहीं तमाम विस्थापित मिले हुए प्लाट पर अपना झुग्गी झोपड़ी के लगाकर सामान रख रहे हैं। बताया जाता है कि डूब क्षेत्र से लोग सारा सामान यहां तक कि सरकार के सोलर प्लेट व सड़क पर लगे खड़ंजा वह भी निकाल का अपने अपने कब्जे में लेकर लोग वहां से धीरे-धीरे निकलना शुरू हो गए हैं। विस्थापित सारा सामान लेकर धीरे-धीरे बरसात से पहले अपने में जगह पर आशियाना बनाने के फिराक में है। सूत्रों की मानें बहुत विस्थापितों को पूर्ण वास पैकेज पहले मिल गया था लेकिन विस्थापित अपना लिए प्लाट पर आवास में बनाकर पैसे को इधर-उधर खर्च कर चुके हैं ऐसे में उनके सामने और भी विषम समस्या खड़ा हो गया की बरसात के आने वाले दिनों में जैसे तैसे रहने को विवश होंगे। लोगों का कहना है कि अगर क्षेत्र में निवास कर रहे विस्थापित अगर समय से पहले नहीं हटेंगे तो डूब क्षेत्र में उनकी भी जल समाधि बन जाएगा। कनहर बांध 16 फाटक लगने हैं अब तक 12 फाटक लग चुके हैं बांध के फाटक लगाए जाने का कार्य तेजी के साथ चल रहा है।

