सेराजुल होदा,
दुद्धी/सोनभद्र|स्थानीय नगर पंचायत के वार्ड नं 11 के रहने वाली बिलकिश जहाँ पत्नी स्व0 नजीर अहमद पाक सरजमीन मक्का मदीना से उमरा कर लौटी तो घर वालों सहित चाहने वालों ने फूलों की हार पहनाकर इस्तकबाल किया।बिलकिश ने घर पर मिलने जुलने वाले लोगों को सिर पर हाथ फेर लोगों की सलामती की दुआ की|
बताया जाता है कि बिलकिश जहाँ के पति के इंतकाल के बाद बिलकिश जहाँ मानो जैसे टूट सी गई थी लेकिन बच्चें होनहार निकलें बिलकिश जहाँ के बच्चे जब अपने पैर पर हुए तो दिल में ठाना था की अपनी जन्नत अपनी माँ को हज्ज जरूर कराएंगे और दोनों बच्चों ने अपनी देखे हुए सपना को पूरा कर ही दिया अपनी माँ को उमरा कराया| आज से कुछ दिन पहले उमरा करने के लिए मक्का मदीना शरीफ के लिए अपने मादरे वतन हिंदुस्तान से बिलकिश रवाना हुई थी जो आज अपने मादरे वतन हिंदुस्तान की पाक सरजमीन पर लौट आई , बिलकिश,लौटने के बाद परिवारजनों ने मकान को दुल्हन की तरह सजाकर इस्तकबाल किया इस दौरान सभी के चेहरे पर मुस्कान थी,परिवार व शुभचिंतकों ने बिलकिश जहाँ को फूल मालाओं से लादकर स्वागत किया ,पत्रकारों से वार्ता में बिलकिश जहाँ ने बताया कि उस दर पर मैं अपने मुल्क की सलामती और अपने बच्चों सहित परिवार, कौम की दुआ की हूं रब्ब जरूर मेरी दुवा कुबूल करेगा|

