(बग्घा सिंह /असफाक कुरैशी,क्राइमजासूस)
बीजपुर/सोनभद्र।
एनटीपीसी रिहंद कॉन्ट्रेक्टर कालोनी चहल पुलिया से सोलर पावर प्लांट तक पीसीसी सड़क निर्माण में खनन माफिया धड़ल्ले से वन भूमि में पहाड़ काट रहे हैं जानकारी होने के बाद भी एनटीपीसी प्रबन्धन और वन महकमा मौन है। बताया जाता है कि लगभग साढ़े पन्द्रह करोड़ की लागत से बन रही उक्त सड़क निर्माण में सैकड़ो पेड़ पौधों सहित इलाके के खूबसूरत पहाड़ जमींदोज कर दिए गए जिसके कारण पर्यावरण पर गम्भीर असर पड़ रहा है और सड़क निर्माण में गुडवक्ता को ठेंगा दिखाया जा रहा है।
डोडहर गाँव के खैरी टोले में सैकड़ों वर्ष पुराने खूबसूरत पहाड़, उसपर खड़े बड़े बड़े पेड़ काट कर जमींदोज होने से इलाका बीरान होता जा रहा है। पहाड़ों में आबाद जीवजन्तु अपनी रक्षा में पलायन कर रहे हैं तो वन सम्पदा की खूबसूरती पर ग्रहण लग गया है। जानकारी के अनुसार साढ़े तीन किलोमीटर की सीसी सड़क निर्माण में खुदाई कर तीन परत सोलिंग और इतनी ही परत मिट्टी डाली जा रही है। इसके लिए कार्यदायी संस्था मेसर्स आर के इंफ्रा कारपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड के कर्ताधर्ता नियमक़ानून को ताक पर रख कर अब तक सैकड़ों डम्फर मिट्टी नजदीक के खैरी पहाड़ से काट कर रात में उठा चुके है। पोकलेन मशीन की चोट से अच्छे खासे सुंदर पहाड़ को खंडहर में तब्दील कर दिया गया। सूत्र बताते हैं कि हजारों डम्फर मिट्टी काटने के लिए पर्यावरण के दुश्मन वन बिभाग से ही समझौता कर लिए है जिसके कारण खैरी, डोडहर, झंडी पहाड़ी, सिरसोती में आवाद ग्रामीण अशोक, सीताराम, सुरेश, बद्री, मेवालाल सहित तमाम लोगों के अंदर गुस्सा एंव आक्रोश ब्याप्त है। इस बाबत जानकारी के लिए पीआरओ एनटीपीसी ग्रीष्मा कुमारी से फोन किया गया लेकिन उनका फोन न उठने के कारण पक्ष नही मिल पाय। वही मुख्य कंजरवेटर मिर्जापुर आर सी झा ने खनन शब्द सुनते ही व्यस्तता का हवाला देकर बात को टाल दिया ।।

