अनिल जायसवाल
डाला सोनभद्र – विकास खण्ड चोपन अंतर्गत ग्राम पंचायत पनारी के टोला जुड़वानी में बना अमृत सरोवर में सरोवर का पानी कम होते ही हकीकत गुडवक्ता का बयां करने लगीं ।
देखा जाय तो विकास खण्ड चोपन अंतर्गत ग्राम पंचायत पनारी भ्रस्टाचार का जीता जागता प्रमाण बनता जा रहा हैं। ग्राम पंचायत पनारी में जो कार्य हो रहा है। वह ज्यादा से ज्यादा कार्य गुणवक्ता विहीन है। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के नाम पर सरकार द्वारा दिये जा रहे विकास के धनराशि का दोहन कोई पनारी ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों से करना सीखें । कागज पर कुछ और तथा हकीकत कुछ और बयां कर रही हैं ।
सत्र 2022-23 अंतर्गत 22 जून 2022 को सरोवर का निर्माण कार्य लगभग 20.52 लाख की लागत से प्रारंभ हुआ । जो निर्माण में ही भ्रस्टाचार की घंटी बजने लगा
। लाखो की लागत से निर्माण हो रहे सरोवर पर एक भी पौधे नही लगाए गए हैं । जो पत्थर लगाए गए है वह सभी स्थानीय जंगल के हैं । सरोवर का पानी कम होते ही सरोवर का हकीकत बाहर तांडव करने लगा। देखा जाय तो ग्राम पंचायत में हो रहे लगभग सभी पक्के सम्बन्धित कार्य 2 नम्बर के पत्थर से ही निर्माण कर बंदर बाट किया जा रहा है। जिसमे ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही हैं । साथ ग्राम पंचायत के कांट्रेक्टर का तो सोने पे सुहागा है। क्यों कि डाला ग्रिट के पत्थर के जगह स्थानीय पहाड़ो के पत्थर डाल गाढ़ी कमाई का जरिया बनता जा रहा है। स्थानीयों ने बताया कि यहां जो पत्थर लगे है वह नजदीकी पहाड़ियों से निकाल कर लाये गए हैं । जिसका प्रमाण मौजूद हैं
इस सम्बंध में अवर अभी0 शिवराज जी से टेलीफोन के माध्यम से सम्पर्क करना चाहा गया तो श्री मान जी का मोबाइल बन्द मिला , तथा ग्राम पंचायत विकास अधिकारी द्वारा फोन रिसीव नही किया गया।

