अनिल जायसवाल
डाला सोनभद्र – स्थानीय डाला नगर पंचायत के क्षेत्र स्थित निजी कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री के आवासीय परिसर में आदित्य बिरला इंटर कॉलेज में वोटिंग बूथ पर निर्वाचन विभाग से चयनित राजस्व विभाग के बीएलओ व लेखपालों द्वारा नाम में संशोधन करवाने हेतु ड्यूटी लगाई गई जिसके दौरान निजी कंपनी अल्ट्राटेक के द्वारा अपने अस्थाई कर्मचारी व ठेकेदारों के लेबरों का नाम सूची बनाकर बीएलओ को दिया जा रहा है ताकि उनका नाम नगर पंचायत के वोटर सूची में शामिल हो सकता इस दौरान लेखपाल व बीएलओ के द्वारा कई दस्तावेज मांगे गए जिसमें अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री के कर्मचारी व ठेकेदार भाग खड़े हुए वही चिन्हित बीएलओ एवं लेखपालों पर उच्च अधिकारियों से दवा बनवा कर वोटर लिस्ट में नाम बनवाने के लिए कंपनी अपना पैंतरा खेल रही है यह एक कम एक बड़ी साजिश हैं!
कंपनी के द्वारा लेबरों का नाम जो भाड़े के कमरे व कंपनी के द्वारा मिले एक कमरे में 8 से 10 लेबर रह रहे हैं फैमिली के साथ जो कि कमरा ठेकेदार के नाम से आवंटित किया गया है!
सूत्रों की मानें तो अल्ट्राटेक कंपनी के द्वारा उम्मीदवार बृजेश सिंह को चाइनीस चयनित किया गया है जो अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री में कार्यरत हैं वहीं इसके उम्मीदवार के आड़ में अपने चाहिते को सपोर्ट करने की साज़िश की जा रही है!
वहीं कंपनी के द्वारा वार्ड नंबर 8 में लगभग 50 से अधिक लोगों का नाम वोटर लिस्ट शामिल भी करा दिया गया। वहीं वोटिंग बूथ की निरीक्षण करने ओबरा तहसीलदार शुशील कुमार पहुंचकर जांच किया और जिस बीएलओ को कंपनी के द्वारा नाम चढ़ाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है उस बीएलओ से नाम पूछ
कहा कि मौके की जांच अपना कार्य करें
इस दौरान क्षेत्रिय लेखपाल ने अपने सहयोगी के साथ अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी के वाहन से कंपनी के अधिकारियों के साथ उनके द्वारा मिले लिस्ट को लेकर सेक्टर सी कालोनी में जाया गया और कुछ जांच किया गया!
ऐसे में डाला बाजार नगर पंचायत के आमिल वेग ने बताया कि बेशक जब अक्ट्राटेक कंपनी आयी उस समय जो जेपी कंपनी से समझौते हुए जी कर्मचारियों और अधिकारियों के अक्ट्राटेक द्वारा अपने कंपनी में लिया गया उनका नाम ओटर लिस्ट में चढ़ा गकत नही है। लेकिन किसी ठेकेदार के लेबर जो नजदीकी क्षेत्रो के रहने वाले हैं उनका नाम मात्र स्वार्थ हिट में चढ़ाना जनहित को गुमराह करना है जिलाधिकारी महोदय संज्ञान में लें
अंशु पटेल डाला बाजार निवासी ने बताया कि निजी कंपनी द्वारा चुनाव हेतु प्रचार करने के नाम पर कंपनी परिसर में किस से मिलने नही दिया जाता । जब कि प्रचार बिचारो की अभिक्रिया हैं । कंपनी की सोच फर्जी ओटर का नाम डाल कर जो यहां के नही है। केवल स्थानीयों को दबाने का काम कर रहे हैं

