अशोक मदेशिया
संवाददाता
चोपन/सोनभद्र।स्थानीय थाना क्षेत्र के अंतर्गत आसपास के क्षेत्रों में आदि शिल्पी भगवान विश्वकर्मा का पूजा विधि विधान से संपन्न हुआ भगवान विश्वकर्मा को देव शिल्पी कहा जाता है। उन्होंने सतयुग में स्वर्गलोक, त्रेतायुग में सोने की लंका, द्वापर में द्वारिका और कलियुग में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं सुभद्रा की विशाल मूर्तियों का निर्माण करने के साथ ही यमपुरी, वरुणपुरी, पांडवपुरी, कुबेरपुरी, शिवमंडलपुरी तथा सुदामापुरी आदि का निर्माण किया। ऋगवेद में इनके महत्व का वर्णन 11 ऋचाएं लिखकर किया गया है।17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती पर शुभ मुहूर्त में किया गया पूजन आपको धनवान बना सकता है। भगवान विश्वकर्मा की पूजा विधि-विधान से करने पर विशेष फल प्रदान करती है। सबसे पहले पूजा के लिए जरूरी सामग्री जैसे अक्षत, फूल, चंदन, धूप, अगरबत्ती, दही, रोली, सुपारी,
रक्षा सूत्र, मिठाई, फल आदि की व्यवस्था कर लें। इसके बाद फैक्टरी, वर्कशॉप, ऑफिस, दुकान वाहन आदि के स्वामी को स्नान करके सपत्नीक पूजा के आसन पर बैठना चाहिए। इसके बाद कलश को स्थापित करें और फिर विधि-विधान से क्रमानुसार पूजा करते हैं वही नगर के बस स्टैंड आई डब्लु ऑफिस रेलवे इलेक्ट्रिशियन रेलवे यार्ड व प्रीत नगर के मैकेनिकल वर्कशॉप सहित तमाम जगहों पर आदि शिल्पी भगवान विश्वकर्मा का विधि विधान से पूजा अर्चना कर प्रसाद वितरण किया गया वहीं शाम के समय सुपर बस स्टैंड पर लगने वाले भीड़ को काबू करने के लिए थाना प्रभारी निरीक्षक लक्ष्मण पर्वत द्वारा भारी मात्रा में पुलिस बल भी तैनात किया गया था वे स्वयं भी पूरें नगर में चक्रमण करते नजर आए।
नगर में शिल्पी भगवान विश्वकर्मा जी उत्सव विधि विधान एवं हर्षोल्लास से मनाया गया।
By: वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)
On: Saturday, September 17, 2022 4:35 PM
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