दीपू तिवारी
चंदौली क्षेत्र के थाना बबुरी अंतर्गत ग्राम दादरा में प्रधान के पति की दबंगई सामने आई है। प्रधान के पति पप्पू यादव ने गुंडई करते हुए मारपीट करके तीन ,चार व्यक्ति का सर फोड़ दिया।
पूरा मामला यह है कि पप्पू यादव ग्राम दादरा के ग्राम प्रधान के पति हैं। ग्राम दादरा में चंद्रशेखर तिवारी, अमित तिवारी,झगड़ तिवारी परिवार की जमीन है, जिस पर 4 फुट ऊंची बाउंड्री वॉल बनी हुई है। पप्पू यादव की निगाह कई दिनों से उस भूमि पर लगी हुई थी। बाउंड्री वॉल के बगल से रास्ता है। पप्पू यादव ने रास्ते के आरसीसी ढलैय्या के बहाने दीवार तोड़ने की कोशिश की, जिस पर चंद्रशेखर तिवारी परिवार ने आपत्ति जताई और बताया कि उक्त जमीन का मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है, और ऐसी स्थिति में बाउंड्री तोड़ना ठीक नहीं है। बावजूद इसके पप्पू यादव ने जबरदस्ती करने की कोशिश की, तब लोगों ने थाने एवं तहसील में लिखित शिकायत की। शिकायत पर प्रशासन ने कहा कि चुकी मामला न्यायालय में चल रहा है, अतः बाउंड्री वॉल ना तोड़ी जाए।
परंतु कुछ ही दिनों के बाद पप्पू यादव पुनः दीवाल तोड़ने आ धमके। इस बार 25–30 लोगों के साथ आए, और दीवाल तोड़ने लगे परिवार ने फिर से आपत्ति जताई। इस पर पप्पू यादव ने 25–30 लोगों के साथ मिलकर जमकर मारपीट की और चंद्रशेखर तिवारी का सर फोड़ दिया। बाकी लोगों को भी मार-मार कर काफी चोटें पहुंचाई गई। जब 112 नम्बर पर फोन करके सूचना दी गई तो पुलिस ने दोनों पक्षों को ले जाकर थाने पर बिठा दिया। थोड़ी ही देर में पप्पू यादव को जाने दिया गया, और पीड़ित पक्ष जिसमें चंद्रशेखर तिवारी का सर भी फूट गया था, को थाने पर बिठाए रखा। संदेह तो पैदा होना स्वाभाविक हैं की क्या कोई मिलीभगत है? अन्यथा शासन-प्रशासन के मना करने के बावजूद किसी व्यक्ति की इतनी हिम्मत कैसे हो सकती है कि वह प्रशासन की बात भी मानने से इंकार करे, गुंडई, मारपीट करके सिर भी फोड़ दे और उस पर उसे थाने से जाने भी दिया जाए।

