अशोक मद्धेशिया
संवाददाता
ओबरा/सोनभद्र। जैसे-जैसे दुनिया की तर्ज पर भारत डिजिटल होती जा रहा है वैसे
वैसे भारत में भी डिजिटल होने की प्रक्रिया तेज़ी से बढ़ती जा रही है। आज तमाम ऐसी चीज़ें है जो डिजिटल के बिना कठिन सी लगती है। जितनी तेजी से डिजिटल का युग पाव पसार रहा और लोगों को हर चीज़ में आसानी होती दिख रही है। लेकिन इसका दूसरा पहलू और भी ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। थोड़ी सी न समझी आपका लाखों का नुकसान करा सकता है और कई तरह के मामले में फस भी सकते है। इसी को देखते हुए सरकार समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाती रहती है और लोगों को महत्वपूर्ण जानकारियां देती रहती है।
इसी क्रम में शुक्रवार को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल इकाई ओ0टी0एच0पी0पी के ओबरा कमांडेंट हृदय शंकर शर्मा के निर्देशानुसार ओबरा परिक्षेत्र में साइबर क्राइम थाना मिर्जापुर उत्तर प्रदेश के निरीक्षक श्याम बहादुर यादव एवं उनकी टीम द्वारा साइबर क्राइम से बचाव हेतु आवश्यक जानकारी दी गई। बताया गया कि, जालसाजों, धोखाधड़ी और साइबर अपराध से बचाने के लिए जागरूकता ही एकमात्र उपाय है। अंजान काल करने वालों को अपने बैंक खाता नंबर, एटीएम कार्ड पासवर्ड, ओटीपी या वित्तीय लेनदेन में प्रयोग होने वाली अन्य जानकारियां कभी भी साझा न करने की सलाह दी गई।
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल इकाई ओ0टी0 एच0पी0पी के ओबरा कमांडेंट हृदय शंकर शर्मा के निर्देशानुसार ओबरा परिक्षेत्र में आयोजित इस कार्यशाला में जवानों ने हिस्सा लिया। सभी को अपने बैंक संबंधित जानकारियां किसी से भी साझा न करने की सलाह दी गई। बताया गया कि, कभी भी आपको लगता है कि आप साइबर क्राइम के झांसे में फस गए है तो तुरंत आनलाइन पोर्टल और हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से बिना हिचकिचाहट के आप शिकायत दर्ज कराइए और संबंधित पुलिस स्टेशन को तत्काल सूचना देनी चाहिए। कभी-कभी ऐसा होता है कि आप ठगी के शिकार हो गए है और आप किसी को इस बारे में जानकारी नहीं देते की आप सोचते है कि लोग क्या कहेंगे। लोग क्या कहेंगे इसकी चिंता कतई मत करिए। अगर आप के साथ गलत हुआ है तो इसकी जानकारी साझा कीजिए, जिससे आपके संपर्क में रह रहे लोग भी सतर्क हो जाये।
धोखाधड़ी एवं साइबर अपराध से बचाने के लिए जन-जन में जागरूकता अभियान ही एकमात्र उपाय है।
By: वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)
On: Saturday, July 2, 2022 5:38 AM
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