अशोक मद्धेशिया
संवाददाता
चोपन/सोनभद्र । सिखों के पांचवें गुरु अर्जुनदेव सिंह के शहीदी पर्व पर शुक्रवार को सिख समाज कमेटी ने लगभग दस बजे से गुरुद्वारा के समीप रुहआफजा युक्त ठंडे मीठे पानी की छबील लगाई। सुबह से ही आने जाने वाले स्थानीय राहगीरों को शर्बत पिलाया गया। पूरे दिन सेवादारों ने राहगीरों को शर्बत पिलाकर सेवा की।
छबील लगाने के पीछे मानना है कि जो यातना गुरु अर्जुन देव सिंह ने सहन की वैसी यातना किसी को भी ना मिले। गुरुद्वारे में सुबह से शबद कीर्तन के बाद लोगों ने छबील लगाई। तथा रोड पर आने जाने वाले राहगीरों व यात्रियों को रोक रोक कर शर्बत पिलाया गया।
इस बाबत पूछे जाने पर गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष सरदार प्रेम सिंह ने बताया कि मीठे पानी का शर्बत ठंडक का प्रतीक है गर्मी के दिनों हर किसी को इसकी जरूरत हैं चाहे वह मानव हो या पशु पक्षी इसी उद्देश्य से अपने गुरु की याद में हम लोग सेवा करके मनाते हैं।
जब मुगल बादशाह जहांगीर ने गुरु अर्जुन देव सिंह जी को गर्म लोहे की कढ़ाई में बैठाकर उन पर गर्म रेत डलवाई तो वे बिल्कुल भी विचलित नहीं हुए और वाहे गुरु जी का सिमरन करते रहे। उन्हें पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसाया गया। उन दिनों जेठ का महीना था और गर्मी का दिन था। गुरु की सहनशीलता के आगे मुगल भी हार गए। तब से उनके शहीदी दिवस पर ठंडे पानी की छबील लगाई जाती है ताकि प्यास की वजह से किसी की आत्मा को कष्ट न हो।
इस अवसर पर मेहताब सिंह, सतनाम सिंह,कवलजीत सिंह, अजित सिंह, जितेन्द्र पलाहा, दीपक सिंह, अनिल एवं सिख समुदाय के कई लोग मौजूद रहे।

