अशोक मद्धेशिया
संवाददाता
चोपन/सोनभद्र । निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा (2022) के तिथि घोषित करने के बाद चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। निर्धारित तिथि पर मतदान करने के लिए ओबरा विधान सभा के समस्त मतदाताओं के साथ साथ युवा काफी उत्साहित हैं। खासतौर पर वे लोग जो पहली बार मतदाता बने हैं। युवाओं का कहना है कि वह जाति और धर्म के नाम पर नहीं, बल्कि सतारूढ़ व अन्य पार्टी के प्रत्याशियों के कर्म के आधार पर बटन दबाएंगे।
युवाओं ने कहा कि वह अपना विधायक चुनने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। अब सिर्फ सात मार्च मतदान के दिन का इंतजार हैं। उनका कहना हैं कि वह किसी लालच और भावनाओं में बहकर मतदान नहीं करेंगे। बल्कि प्रत्याशी के साफ छवि, व्यवहार और मंशा को देखते हुए मतदान करेंगे। युवा और अन्य शहरी, ग्रामीण मतदाताओं ने साफ तौर पर कुछ भी कहने से बचते नजर आए है।

मतदाताओं ने मिली-जुली प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह ऐसे प्रत्याशी को अपना मत देंगे जो जाति धर्म सम्प्रदाय से उपर उठकर सभी वर्गों के लोगों के साथ साथ शहर और गांव की जनता के हित में विकास करे।
कुछ मतदाताओं ने कहा कि वह दलों व प्रत्याशियों के घोषणापत्र को देखकर ही मतदान करेंगे।
चुनाव जीतने के लिए राजनीतिक दल और प्रत्याशियों की ओर से मतदाताओं को लालच देने का प्रयास किया जाता है। लेकिन हम सब लालच में नहीं फंसेंगे, अपने मन का प्रत्याशी चुनेंगे। शिक्षा व चिकित्सा पर बात करने वालों को चुनेंगे। छात्रों ने कहाकि शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाए जाने की जरूरत है।
फिलहाल कोई भी मतदाता यह खुलकर बोलने से बचते नजर आए कि वह किस राजनैतिक दल के प्रत्याशी को वोट देंगे कुछ वोटरों ने तो यह कहा कि मतदान गुप्त होता है और हमसब उसका पालन करते हुए सात मार्च को अपना मतदान करेंगे। और दस मार्च को अपना विधायक चुनते हुए प्रदेश में अपनी सरकार चुनेंगे।
*मतदाता मौन : मतदाताओं ने कहा धर्म-जाति नहीं, विकास, शिक्षा, चिकित्सा है प्रमुख प्राथमिकता
By: वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)
On: Thursday, February 3, 2022 11:41 AM
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