* 19 वा आदिवासी सम्मेलन में गुमनाम सुराजियों नमन,गांधी की शहादत पर उपवास
दुद्धी/सोनभद्र
वासियों के जीवन से आज भी हम गांधी के सिद्धांतों को सीख सकते हैं सादगी सीखना हो तो ,प्रकृति के बीच रहना हो तो, मेहनत का जीवन जीना हो तो यदि गांधी के संदेश अगर आज कहीं जिंदा है तो वे आदिवासी है।
आदिवासी और गांधी नजदीक है।गांधी जी असमानता दूर करना जीवन जीने के सामान्य संसाधनों का समान वितरण के पक्षधर थे।उन्होंने कहा उपवास से हम अपनी शुद्धिकरण कर सकते है,दुनिया कब अच्छा होगा यह पता नहीं हम किस प्रकार व्यवहार करे जिससे अच्छे का निर्माण हो हमें दूसरों को समझाने से पूर्व सत्य बोलना है सादगी से जीना है और अहिंसा का पालन करना है हरेक व्यक्ति को सोचना होगा जीवन में हिंसा कहा है।उक्त बातें नगवा ग्राम के गांधी मैदान पर बापू के शहादत दिवस व गुमनाम सुराजीयो की याद में आयोजित रविवार को 19 वे आदिवासी सम्मेलन में मुख्य अतिथि सर्वोदय समाज के कन्वीनर डॉक्टर पी वी राज गोपाल ने कही। इससे पूर्वशहीद स्मारक स्थल पर महात्मा गांधी के प्रतिमा व आदिवासी स्वराज स्तम्भ पर दीप प्रज्वलित कर व स्वतंत्रता संग्राम में गांव के चारो मुहानों पर पहरेदारी कर रहे नगवा गांव के सुखलाल खरवार ,जगरनाथ खरवार ,जोधा पनिका व शनिचर खरवार सहित अन्य गांव के
पूरन खरवार ,जगरनाथ राजन चौधरी खरवार,नन्दलाल ,चिंतामणि खरवार आदि के नाम से बने प्रस्तर स्तम्भ पर पूजार्चन व माल्यार्पण किया|
कार्यक्रम में आदिवासी व अन्य समाज के उत्कृष्ट कार्यों को करने वाले विभूतियों को अतिथियों द्वारा अंगवस्त्रम भेंट कर माल्यार्पण कर उन्हें सम्मानित किया गया| इस दौरान गुमनाम सूराजियो के परिजनों ने अपने अपने घरो से मशाल जलूस लेकर कार्यक्रम में पहुंचे।कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट अतिथि विधायक हरिराम चेरो ने कहा
आजादी की लड़ाई में क्षेत्र की पहरेदारी कर रहे स्वतंत्रता सेनानियों का बलिदान यूहीं जाया नहीं जाएगा अवसर आया तो उन्हें इतिहास के पन्नों पर दर्ज करवाएंगे जिन्होंने अंग्रेज़ो से लोहा लेकर देश आजाद कराने में योगदान दिया। विशिष्ट अतिथि डॉक्टर लवकुश प्रजापति रामेश्वर राय सुरेन्द्र अग्रहरि ने भी आदिवासियों के बलिदान को याद करते हुए अपनी बात कही। इस दौरान कार्यक्रम के आयोजक भाई महेशा नन्द ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन ने संयुक्त रूप से किया|इस कार्यक्रम में ग्राम प्रधान लखमन देवी,डॉ गौरव बिंदु सिंह विश्वआत्मा रमीज आलम फौजदार सिंह विभा उपाध्याय धर्मजित खरवार भीम सिंह डा ए के सिंह नन्दलाल सहित ग्रामीण उपस्थित रहे।

