जिले में झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार कोई डिग्री नहीं

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उमेश सागर की रिपोर्ट 

सोनभद्र जिले के उर्जान्चल में बीते कई वर्षों से झोलाछाप डॉक्टर सैकड़ो की संख्या में होने के साथ साथ उर्जान्चल मे अपनी दुकान चला रहे है। क्षेत्र में झोलाछाप समेत बिना डिग्री के डॉक्टर बीते कई वर्षों से अपनी दुकानदारी चमकाते हुए जिले में बैठे उच्च अधिकारियों को ठेंगा दिखा रहे है। जबकि जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आदेश पर उर्जान्चल में टीम द्वारा लागभग एक माह में दो बार भेजा जाता है। जो सिर्फ खानापूर्ति ही होते नजर आता है सूत्रों की माने तो माने ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों की मेहरबानी बनी रहती है। बताते चले कि सोनभद्र जिला जो चार राज्यो से घिरा हुए एक मात्र जिला है। सोनभद्र जिले के आदिवासी क्षेत्र होने के साथ साथ आज भी कई कई छोटे बड़े गाँव जंगल औऱ पहाड़ो में स्थित है। ऐसे में झोलाछाप डॉक्टर व बिना डिग्री वाले फर्जी डॉक्टर अपना भी व्यवसाय जोरो पर चल रहे हैं। बीते दिनों म्योरपुर ब्लाक के मकरा गाँव ने अज्ञात बीमारी के कारण लागभग 16 लोगो की मौत हो गयी जिससे सोनभद्र जिला अधिकारी समेत स्वास्थ्य विभाग के हाथपांव भी फूल चुके थे। यहाँ तक कि लखनऊ से भी जांच टीमें सेंदुर मकरा में पहुँच कर कई दिनों तक जाँच प्रक्रिया चली। जिसमे सूत्रों की माने तो मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नेम सिंह को दूसरे जिले में ट्रांसफर किया गया। जिसके बाद अब जिले में जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी के रूप में रमेश सिंह ठाकुर ने कार्यभार ग्रहण कर लिया गया। बताते चले कि शक्तिनगर से लेकर रेनुकूट समेत बिजपुर व अन्य कई पहाड़ी इलाको में झोलाछाप डॉक्टर ग्रामीणों का पैसा महंगी दवाइयां देकर अपनी जेब मे डाल रहे है।

वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)

वली अहमद सिद्दीकी एक वरिष्ठ भारतीय पत्रकार हैं और वर्तमान में crimejasoos.news के प्रधान संपादक हैं। उन्होंने पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक समय बिताया है और राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समाचारों को कवर किया है। वे राजनीति और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र क्षेत्र में, के विशेषज्ञ हैं।
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