अशोक मद्देशिया,,
सोनभद्र, सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के जनपद आगमन पर भाकपा ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जनपद सोनभद्र के आम आदमी के साथ साथ पूरा जिला काफी उम्मीदें लगा रखा था।
जहां तीन दिनों से मोदी जी की रैली में रोडवेज की स्थानीय 61 बसों को प्रयागराज लगा दिया गया और वहीं योगी जी की सोनभद्र रैली को लेकर नगर की सिमाओं को बंद कराने के साथ स्थानीय दुकानें भी बंद करा दी गई और आस पास के रहवासियों को जाड़े में छत पर धूप लेने पर पर पाबंदी लगाई गई ।
उनके तमाम चुनावी एजेंडे जैसी घोषणाएं और शिलान्यास के बावजूद जनपद की जटिल समस्याओं का कोई सरोकार व समाधान का पहल नजर नहीं आया।
जनपद में किसानों के लिए हाट/बाजार के साथ खेती के सिंचाई वाली सोनपंप नहर के विस्तार जैसी योजना धरी की धरी रह गई। जनपद के अतिनक्सल प्रभावित क्षेत्र पटवध से बसुहारी मार्ग और दक्षिणांचल के भाट क्षेत्रों में पेयजल, चिकित्सा, शिक्षा, सड़क जैसे मूलभूत सुविधाओं का टोटा भी बना का बना रह गया ।
आदिवासी बाहुल्य वाले जनपद में आदिवासियों के लिए वनाधिकार और उनके लिए कोई सौगात नहीं । मुख्यमंत्री जी आपने सोनभद्र आगमन पर सिर्फ चुनावी सभा करते हुए दैनिक मजदूरों वाले बहुतायत इस जनपद में खनन मजदूरों की जटिल सवालों को दरकिनार करते हुए खनन माफियाओं को नतमस्तक करके चले गए। जनपद के नौजवानों, छात्रों के उच्च शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय व रोजगार और आम जनमानस को बेहतर चिकित्सा के लिए एम्स जैसे संस्थानों का सवाल बना ही रह गया।
मुख्यमंत्री का जनपद आगमन सिर्फ चुनावी सभा ही बन कर रह गया।
आर के शर्मा
( जिला सचिव )
भाकपा-सोनभद्र

