म्योरपुर, सोनभद्र, 04 दिसम्बर 2021, मकरा गांव में हुई पानी की जांच में यह बात प्रमाणित हो गई है कि वहां पानी जहरीला है। उसमें आर्सेनिक, फ्लोराइड़, आयरन और मरकरी की मात्रा मानक से ज्यादा है। यह हाल रिहन्द किनारे बसे सभी गांव के पानी का है। इसलिए ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल के लिए रिहन्द बांध के किनारे बसे सभी गांव में सरकार को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर पीने के पानी की व्यवस्था करनी चाहिए। यह मांग आज रासपहरी में आइपीएफ का अनिश्चितकालीन धरने के चौवनवे दिन उठी। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि दुद्धी के आदिवासी बाहुल्य इलाके में जहरीले पानी को पीने से आए दिन मौतें होती है। मकरा, रजनीटोला, परनी, डडियरा आदि गांव में शुद्ध पेयजल के अभाव में लोग बेमौत मरते है। रासपहरी, गोविंदपुर, खैराही जैसे गांव में फ्लोरोसिस के कारण ग्रामीण विकलांग हो रहे है। इस बुरी हालत को ठीक करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने की किसी सरकार ने भी जरूरत नहीं समझी जबकि सोशल रिस्पांसबिलिटी के लिए सीएसआर और खनिज सम्पदा से पाए फण्ड का पैसा प्रशासन के पास है। मकरा जैसी दर्दनाक घटना होने पर छोटे कर्मचारी पर नाम मात्र की कार्यवाही करके कर्तव्य की इतिश्री कर ली जाती है। एनजीटी ने भी शुद्ध पेयजल के लिए आदेश दिए हुए है लेकिन उनका भी अनुपालन नहीं हो रहा है। प्रशासन के लोगों को बताना चाहिए कि मकरा में बना हुआ सरकारी अस्पताल में समुचित इलाज क्यों नहीं हो रहा था और इसके लिए जबाबदेह किस अधिकारी पर क्या कार्यवाही हुई है।
आज के धरने में आइपीएफ जिला संयोजक कृपा शंकर पनिका, मजदूर किसान मंच जिलाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद गोंड़, मंगरू प्रसाद गोंड़, मनोहर गोंड़, ज्ञानदास गोंड़, बिरझन गोंड़, महावीर गोंड़, अमरनाथ गोंड़, बृजमोहन गोंड़, रिंकु कुमार, नंदू कुमार, राम विचार गोंड़ आदि लोग मौजूद रहे।
कृपा शंकर पनिका
जिला संयोजक
आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट, सोनभद्र
रिहंद बांध के किनारे बसे गांव में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए सरकार – आइपीएफ
By: वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)
On: Saturday, December 4, 2021 10:55 AM
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