ऊर्जान्चल ब्यूरों उमेश सागर
बिना/सोनभद्रआज के समय बेहतर रहन सहन के लिए उच्च शिक्षा कितनी ज़रूरी है ये तो जगजाहिर है। शहर में तो शिक्षा प्राप्त करने के लिए सरकारी एवं प्राइवेट संस्था की भरमार होती है। लेकिन गांव में शिक्षा के लिए साधन का अभाव आज भी है। सरकारी तंत्र में मात्र शिक्षा के लिए प्रावधान होने से गरीब बच्चे कौशल विकास से कोसों दूर हो जाते है। जिससे कॉम्पिटिशन के समय सरकारी स्कूलों में पड़ने वाले बच्चें औरों बच्चों से पिछड़ जाते है। ऐसे में कोहरौलिया गांव के प्रधान रायमती व प्रधान प्रतिनिधि चंदन कुमार ने गरीब बच्चों के उच्च शिक्षा के लिए एनसीएल कृष्णशिला परियोजना के महाप्रबन्धक को पत्र लिख कर गरीब बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि, यहां के बच्चें परियोजना की वजह से विस्थापित एवं प्रभावित है, यह गाँव अति पिछड़ा एवं गरीबी की वजह से यहां के बच्चें कौशल विकास एवं स्वास्थ्य के लिए कम्प्यूटर की पढ़ाई, सिलाई, कडाई जैसी उच्च शिक्षा की प्राप्ति नहीं कर पा रहे हैं। कोहरौलिया गांव के प्रधान रायमती लेटर पेड पर प्रधान प्रतिनिधि चंदन कुमार ने महाप्रबन्धक से निवेदन किया है कि, बच्चों के लिए शिक्षा दिलाने के लिए क्लास आरम्भ किया जाए। जिससे यहां के बच्चों को भविष्य में उज्जवल एवं उन्नति आये।

