बग्घा सिंह,
सोंनभद्र बीजपुर। एनटीपीसी के रिहंद स्टेशन में बुधवार को शिवालिक अतिथि गृह में स्टेशन प्रबंधन के संग प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया।बतौर मुख्य अतिथि मुख्य महाप्रबंधक (रिहंद) देवब्रत पाल ने मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि रिहंद स्टेशन के कर्मियों एवं अधिकारियों मे विषम से विषम परिस्थितियों में भी चुनौती स्वीकार करने की क्षमता है।कहा कि यह स्टेशन 500 मेगावाट से शुरू होकर आज 3000 मेगावाट उत्पादन की क्षमता वाला स्टेशन बन गया है।श्री पॉल ने यह भी बताया कि रिहंद स्टेशन नैगम सामाजिक दायित्व निर्वहन की कड़ी में भी ग्रामों के सर्वांगीण विकास में भी अहम भूमिका का निर्वहन कर रहा है।साथ ही साथ ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्टेशन प्रबंधन पूरी तरह प्रयासरत है।स्टेशन में विद्युत उत्पादन में कोयले की कमी बाधक न बन सके इसके लिए टीम बना कर योजनाबद्ध तरीके से एनसीएल से कोयला ढुलाई का कार्य इस प्रकार किया जा रहा है कि कोल यार्ड में कोयले का स्टॉक बराबर बना रहे।नैगम सामाजिक दायित्व निर्वहन की कड़ी में ग्रामों के सर्वांगीण विकास में भी सीएसआर विभाग अहम भूमिका का निर्वहन कर रहा है।उन्होनें यह भी कहा कि एनटीपीसी रिहंद द्वारा किए जा रहे सामुदायिक कल्याण एवं पर्यावरण हितैषी कार्यों को बढ़ावा देने और उसकी सराहना करने में मीडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।आगे श्री पॉल नें कहा कि 3000 मेगावाट की क्षमता के अतिरिक्त 20 मेगावाट सौर ऊर्जा का कार्य निमार्णाधीन है।राख उपयोगिता की वृद्धि में इसका प्रभावी कदम है।स्टेशन द्वारा नैगम सामाजिक दायित्व निर्वहन की दिशा में किया जा रहा अनोखा प्रयास, स्टेशन को मिले पुरस्कार एवं उपलब्धियों से पत्रकारों को आदि से अवगत कराया।इस दौरान महाप्रबंधक (ओएंडएम) एके चट्टोपाध्याय, महाप्रबंधक (अनुरक्षण) एके पपनेजा, महाप्रबंधक (एफएम) एम रमेश, महाप्रबंधक (टीएस) एस श्रीकृष्णा व अन्य वरिष्ठ प्रबन्धक मौजूद रहे।धन्यवाद ज्ञापन अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) एसवीडी रवि कुमार ने किया।संचालन एवं आगंतुकों का स्वागत कार्यपालक (नैगम संचार) शिक्षा गुप्ता CJN ने किया।

