_सोनभद्र, उमेश कुमार सिंह उर्जान्चल क्षेत्र के डिबुलगंज,रेनुसागर, अनपरा कालोनी, कहुवानाला, रेणुकूट, बीना रोड में छठ महापर्व का चार दिवसीय अनुष्ठान आज उगते सूर्य को अर्घ्य देकर संपन्न हो गया छठ पूजा मनाने वाली व्रतियों ने ३६ घंटे का निर्जला व्रत रखकर कड़ी साधना की इससे पहले बुधवार को महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर धूमधाम से पूजा अर्चना की थी शाम चार बजे से ही नदी व पोखरों पर महिलाएं पूजा के लिए पहुंच गईं और शाम ढलने के बाद सूर्य को अर्घ्य देकर ही लौटीं सारी दुनिया उगते हुए सूर्य को प्रणाम करती है लेकिन उर्जान्चल के लोग पहले डूबते हुए सूर्य को प्रणाम करते हैं उसके बाद उगते हुए सूर्य को सूर्य के प्रति श्रद्धालुओं में अपार श्रद्धा है शायद इसीलिए छठ हर साल दर साल समृद्ध होता जा रहा है।
लोगों का यह भी मानना है कि हम बाकी देवताओं को देख या महसूस नहीं कर पाते हैं।वरुण सूर्य साक्षात ऐसे देव हैं कि जिन्हें हम प्रत्यक्ष रुप से देखते हैं इसलिए सूर्य पर कुछ ज्यादा ही श्रद्धा स्वाभाविक है। इसलिए हमारी जीवन में इनका महत्व है और गहरा विश्वास भी है।मान्यता है कि जो मांगा जाता है वह इस व्रत को करने से मिलता है शायद इसलिए भी इसका विस्तार जारी है।इस मौके पर व्रतियों ने सूर्य देव से अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की उर्जान्चल क्षेत्र के कई पोखरा, तालाब व नदी तट में सूर्य देव को सुबह अर्घ्य दिया गया।छठ घाट पर व्रतियों के अलावा परिवार के सदस्यों की भीड़ उमड़ी रही इस दौरान बच्चों में काफी उत्साह देखा गया छठ घाट पर छोटे-छोटे बच्चे जहां पटाखे फोड़ रहे थे।इससे पूरी तरह घाट छठमय बना रहा महिलाओं ने छठी मइया और सूर्य भगवान से अपनी संतानों, पति व परिवार की खुशियां मांगीं। इसके बाद उन्होंने अपने निर्जल व्रत का पारायण किया।छत व्रती सूर्य देव और उनकी पत्नी ऊषा की पूजा करते हैं।और उनका आशीर्वाद लेते हैं।
सुबह सूर्योदय के साथ ही लोगों ने सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया और प्रसाद का वितरण किया।सुरक्षा की दृष्टि से प्रत्येक घाटों पर थाना प्रभारी निरीक्षक श्रीकान्त राय दल बल के साथ भ्रमण करते नजर आए।_
*उगते सूर्य देव को अर्घ्य देकर छठ महापर्व हुआ संपन्न*
By: वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)
On: Thursday, November 11, 2021 2:27 AM
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