अनिल जायसवाल
संवाददाता
डाला/सोनभद्र। सूर्य षष्ठी महापर्व के लिए मंगलवार को दिनभर तैयारियों का दौर चला। व्रतधारियों ने पूजा सामग्री फल-सब्जियां सहित पूजा के लिए सभी जरुरी सामग्री एकत्र की दूसरी तरफ छठ घाटों पर तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए आयोजक लगे रहे। सायंकाल खरना अनुष्ठान के लिए महिलाओं ने गुड चावलों की मिश्रित खीर पूरी और अन्य प्रकार के पकवान तैयार कर चंद्र दर्शन करके अनुष्ठान का दूसरा चरण पूरा किया इस अवसर पर पारिवारिक रिश्तेदार व पास पड़ोस के लोगों को भी प्रसाद ग्रहण करने के लिए आमंत्रित किया गया था लोगों ने श्रद्धा पूर्वक प्रसाद ग्रहण कर छठ मैया से मन्नतें मांगी। बुधवार को अस्ताचली छठ पर्व पर डूबते हुए भुवन भास्कर को ब्रतीयों नें क्षेत्र के डाला चढ़ाई,कुरदहवां, काली मंदिर,बारी स्वनिर्मित तालाब, अल्ट्राटेक कालोनी परिसर,गुरमुरा छठ घाटों पर झिल जैसे पानी में खडे होकर अर्ध्य जल दिया।बताया गया कि इस व्रत को करने से सभी तरह के रोगों से छुटकारा मिलता है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं अगले दिन सुबह उगते हुए सुर्य को अर्ध्य देने के साथ ही छठ व्रत का अनुष्ठान संपन्न हो जाता है। सुरक्षा की दृष्टि से प्रत्येक घाटों पर चौकी प्रभारी मनोज ठाकुर दल बाल के साथ भ्रमण करते नजर आए।
डूबते सूर्य देव को श्रद्धालुओं ने पहला श्रद्धा अर्घ्य समर्पित किया।
By: वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)
On: Wednesday, November 10, 2021 2:21 PM
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