अशोक मद्धेशिया
संवाददाता
*मांगी नाव न केवट आना।*
*कहहूं तुम्हार मरम मैं जाना।
चोपन/सोनभद्र। रेलवे रामलीला मैदान में चल रहे रामलीला के चतुर्थ दिवस रामलीला का कथानक जिसमें आज प्रभु श्रीराम निषाद मिलन, राम केवट संवाद, वाल्मीकि मिलन, चित्रकूट धाम निवास, सूर्पनखा नकटी, खर दूषण त्रिशिरा वध की रामलीला देख कर रामलीला समिति के पदाधिकारी, रामलीला प्रेमी भाव विभोर और रोमांचित हो उठे।
रविवार को संध्या 7:30 बजे से रामायण के विभिन्न रामलीला के पाठों का मंचन किया गया,
आज के राम लीला मंचन में सर्वप्रथम भगवान श्री राम-सीताजी की आरती श्री श्री रामलीला समिति के पदेन अध्यक्ष श्री सुनील सिंह व अन्य पदाधिकारियों, भक्तों ने पूजन वंदन किया
आज की मुख्य आरती वार्ड नंबर ( 1 )की सभासद सुमन लता जी व उनके परिजनों ने भगवान श्री राम माता जानकी जी आरती पूजन वदन की। तत्पश्चात !
*दो० सोवत प्रभुहि निहार निषादू। भयऊ प्रेम वश पिकल विषादू।*
भगवान श्री राम सीता शयन कर रहें थे प्रभु की ऐसी दशा देखकर भक्त निषादराज को बहुत दुख हुआ प्रभु श्री राम जिस भवन में निवास करते थे। वह भवन इतना सुंदर था कि देवराज इंद्र का मह
। कर भी फीका था निषादराज की करुण वेदना देखकर लक्ष्मण जी ने समझाया हे निषादराज कोई किसी को सुख दुख नहीं देता अपने कर्म के अनुसार ही सुख दुख भोगना पड़ता है प्रभु श्री राम गंगा किनारे पहुंच कर भगवान श्री राम केवट से ना मांगते हैं केवट नाव नहीं लाता और बोला कि मैं आपके मर्म को बहुत अच्छी तरह से जानता हूं प्रभु जब पत्थर पर पैर छुआने से अहिल्या नारी बन जाती है तो फिर मेरी नैया को नारी बनने में क्या संदेह हैं। उसके बाद निषाद राज भगवान श्री राम के चरण सोने के बाद प्रभु राम जानकी को गंगा पार किया और बाल्मीकि जी का मिलन हुआ मिलन के बाद भगवान चित्रकूट पहुंचे चित्रकूट से आगे चलकर भगवान श्री राम अनसूया आश्रम पहुंचकर सीता जी ने अनसूया से उपदेश प्राप्त किया उपदेश प्राप्त करने के पश्चात के पश्चात भगवान सुतीक्षण से मिलते हुए पंचवटी पहुंचे वहां निवास किए वहां पर सुपनखा की नाक कान कटने के बाद सुपनखा के भाई खर दूषण और त्रिशिरा का वध किए।सभी नगरवासी आज की रामलीला देखकर भाव विभोर और भावुक हो गए।
रामलीला के दौरान रविवार की रात निषाद राज प्रभु की करुण दशा लक्ष्मण सुपनखा नककटी, चित्रकूट के कलाकारों ने विभिन्न पाठों का मनोरम मंचन किया। कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुति देखकर दर्शक भावुक हो उठे। इस पावन बेला पर रामलीला समिति के पदेन अध्यक्ष बीजेपी मंडल अध्यक्ष चोपन सुनील सिंह, उपाध्यक्ष सतनाम सिंह, मनोज सिंह सोलंकी, सुशील पांडे, लल्लू श्रीवास्तव, मोम बहादुर, अजित पंडा, महामंत्री- सुरेश जयसवाल एवं कोषाध्यक्ष अभिषेक दुबे। मंत्री- विनीत पांडे, उमेश बिंद, धर्मेंद्र जायसवाल, अजय कुमार, राम कुमार मोदनवाल, जितेंद्र जयसवाल, मीडिया प्रभारी- अनुज जयसवाल/अशोक मद्धेशिया, संरक्षण मंडल- संजय जैन, सत्यप्रकाश तिवारी, कैलाश मौर्या, कमल किशोर सिंह, सतेंद्र कुमार आर्य, प्रदीप अग्रवाल, राम आश्रय जायसवाल, दिनेश गर्ग, अशोक सिंघल, तीर्थराज शुक्ला, राजन जायसवाल, रोशन सिंह, रावण प्रभारी- सियाराम तिवारी, राजू चौरसिया एवं अनिल जायसवाल,शुभम चौरसिया और कलाकारों के इस भावपूर्ण मंचन को देखने के लिए नगर व आस-पास के क्षेत्रों से आये श्रद्धालु मौजूद रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन कथा वाचक पंडित शितलेश शरण मिश्र ने अपनी मधुर वाणी से मंच को सुंदर और मनमोहक बना दिया।
*आज प्रभु श्रीराम निषाद मिलन, राम केवट संवाद, वाल्मीकिमिलन,चित्रकूटधाम-निवास,सूर्पनखा-नकटी, खरदूषण-त्रिशरा वध की रामलीला संपन्न।*
By: वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)
On: Monday, October 11, 2021 2:47 AM
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