*रेलवे रामलीला मैदान में बारी-फुलवारी, धनुष-यज्ञ, रावण-बाणासुर संवाद का मंचन हुआ।*

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अशोक मद्धेशिया
संवाददाता

*चित्रकूट से आये रामलीला के कलाकारों ने बड़े ही मार्मिक तरीके से पात्रों का जीवंत मंचन किया।*
चोपन/सोनभद्र।श्री श्री रामलीला समिति रेलवे सोनभद्र द्वारा चल रही रामलीला में गुरुवार की रात बारी- फुलवारी, धनुष-यज्ञ, रावण-बाणासुर संवाद हुआ। राजा जनक के फुलवारी का दिव्य दर्शन कर दर्शक धन्य हो गए। इस अद्भूत व अलौकिक दृश्य को देखने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। रामलीला मैदान के स्टेज पर स्थित राजा जनक की पुष्प वाटिका देखने योग्य रही। राजा जनक के पुष्प वाटिका दृश्य में दिखाया गया कि, गुरु की आज्ञा से प्रभु श्रीराम व लक्ष्मण राजा जनक की फुलवारी देखने के लिए जाते हैं। इसी बीच दोनों भाइयों की मुलाकात पुष्प वाटिका के मालियों से होती है। दोनों भाइयों के रूप-सौंदर्य को देख माली भी आश्चर्य चकित रह जाते हैं। इस दौरानधनुष यज्ञ का मंचन,रावण बाणासुर संवाद को सुनकर दर्शक रोमांचित हो गए। एक दृश्य में गुरु विश्वामित्र श्रीराम व लक्ष्मण के साथ जनकपुर में पहुंचते हैं। वहां वह नगर भ्रमण को जाते हैं। दूसरे दिन दोनों भाई जनकपुर की पुष्प वाटिका में फूल तोड़ने जाते है। वहीं पास के मंदिर में माता सीता सखियों के साथ पूजा के लिए जाती हैं। दोनो एक दूसरे को अपलक देखते रह जाते हैं। राम जी की सुंदरता को देखते-देखते सीता जी की आंखे थकती नहीं, अपनी आंखों में राम जी को बैठा कर सीता जी मंत्रमुग्ध हो जाती है। उन्हें ऐसा लगता है जैसे राम जी की सुंदरता पर करोड़ो काम देव निवछावर हो गए हो। इस बीच सीता जी की चिन्ता को देखते हुए उनकी सखियां कहती है कि, सीता तुम किसी भी प्रकार की चिंता मत करो, राम जी तुम्हें अवश्य मिलेंगे। वही एक अन्य दृश्य में दोनों भाई यज्ञ मंडप में पहुंचते हैं और मिथिला नरेश जनक अपनी प्रतिज्ञा सुनाते हैं कि, जो इस शिवधनुष को तोड़ेगा उसी पुत्री सीता का विवाह करूंगा। रामायण कहानी के अनुसार धनुष की रचना सीता जी के लिए ही कि गयी थी। यज्ञशाला में मौजूद महाबली रावण और बाणासुर के बीच लंबा संवाद होता है। गुरु की आज्ञा पाकर भगवान श्रीराम ने धनुष को जैसे ही उठाया वह टूट गया। धनुष टूटते ही भगवान परशुराम वहां पर क्रोधित हो जाते हैं। भगवान राम कहते हैं कि प्रभु मैने यह धनुष तोड़ा है। आप जो दंड देना चाहते हैं मुझे दीजिए। परशुराम भगवान राम को पहचान जाते हैं और आशीर्वाद देकर चले जाते है। इसके बाद माता सीता जी के स्वयंवर का कार्यक्रम हुआ। चित्रकूट से आये रामलीला कीर्तन मंडल के कलाकारों ने बड़े ही मार्मिक तरीके से पात्रों का जीवंत मंचन किया।
गुरुवार की कथा में पदेन अध्यक्ष बीजेपी मंडल अध्यक्ष चोपन सुनील सिंह, उपाध्यक्ष सतनाम सिंह, मनोज सिंह सोलंकी, सुशील पांडे, लल्लू श्रीवास्तव, मोम बहादुर, अजित पंडा, महामंत्री- सुरेश जयसवाल एवं कोषाध्यक्ष अभिषेक दुबे। मंत्री- विनीत पांडे,धर्मेंद्र जायसवाल, अजय कुमार, राम कुमार मोदनवाल, जितेंद्र जयसवाल, मीडिया प्रभारी- अशोक मद्धेशिया/अनुज जायसवाल, संरक्षण मंडल- प्रदीप अग्रवाल, हीरालाल वर्मा, संजय जैन, सत्यप्रकाश तिवारी, कैलाश मौर्या, कमल किशोर सिंह, सतेंद्र कुमार आर्य, राम आश्रय जायसवाल, दिनेश गर्ग, अशोक सिंघल, तीर्थराज शुक्ला, राजन जायसवाल, रोशन सिंह, रावण प्रभारी- सियाराम तिवारी, राजू चौरसिया,अनिल जायसवाल। मनोज चौबे, राजेश गोस्वामी, शुभम चौरसिया,और कलाकारों के इस भावपूर्ण मंचन को देखने के लिए नगर व आस-पास के क्षेत्रों से आये श्रद्धालु मौजूद रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन कथा वाचक पंडित शितलेश शरण मिश्र ने अपनी मधुर वाणी से कर मंच को और सुंदर बना दिया।

वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)

वली अहमद सिद्दीकी एक वरिष्ठ भारतीय पत्रकार हैं और वर्तमान में crimejasoos.news के प्रधान संपादक हैं। उन्होंने पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक समय बिताया है और राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समाचारों को कवर किया है। वे राजनीति और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र क्षेत्र में, के विशेषज्ञ हैं।
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