राष्ट्रीय संघ दिवस के रूप में विश्वकर्मा पूजन कार्यक्रम संपन्न कराया

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उमेश सागर  शक्तिनगर

**राष्ट्रीय श्रम दिवस*

आज दिनांक 17 सितंबर 2021 को प्रहलाद शर्मा शाखा अध्यक्ष की अध्यक्षता में स्थानीय **राष्ट्रीय श्रम दिवस*
आज दिनांक 17 सितंबर 2021 को प्रहलाद शर्मा शाखा अध्यक्ष की अध्यक्षता में स्थानीय उत्तर प्रदेश विद्युत मजदूर संघ कार्यालय पर राष्ट्रीय संघ दिवस के रूप में विश्वकर्मा पूजन कार्यक्रम संपन्न कराया गया कार्यक्रम का संचालन अंबुज कुमार शाखा सचिव ने किया कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शशिकांत श्रीवास्तव प्रदेश महामंत्री उत्तर प्रदेश विद्युत मजदूर संघ , प्रदेश कार्यवाह अध्यक्ष धुरंधर शर्मा ,विभागा अध्यक्ष श्री बीडी विश्वकर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप मे उपस्थित रहे ।भारतीय मजदूर संघ की स्थापना से पूर्व के पांच दशकों में श्रम आंदोलन देश में खड़ा हो चुका था। भारतीय मजदूर संघ ने अपने स्थापना काल से ही तय कर लिया था कि भारत का श्रम दिवस आज शिल्पकार विश्वकर्मा जी की जयंती वाले दिन ही होगा इसके पीछे कारण भी है कि इस दिन को भारत के श्रमिक प्राचीन काल से ही श्रम दिवस के रूप में मनाते आए हैं ।‌ धुरंधर शर्मा ने बताया कि आधुनिक काल में भी विश्वकर्मा जयंती के दिन मजदूर अपने औजारों की पूजा करते हैं ।‌जमशेदपुर‌ के टाटा एवं सभी उद्योगों में कार्यरत सभी पंथों के मालिक एवं मजदूरों के द्वारा विश्वकर्मा जयंती पर यंत्रों की पूजा की जाती है, मजदूर उस दिन छुट्टी भी करते हैं ,यद्यपि प्रारंभ में वामपंथी विचारधारा के लोगों द्वारा इस दिन को मनाने का उपहास किया गया परंतु अब देश का चित्र ही बदल गया है।‌ अनिल सिंह ने बताया कि कई राज्य सरकारों ने इस दिन को श्रम दिवस घोषित कर रखा है ,इसके अलावा भारत सरकार द्वारा भी मजदूर क्षेत्र में अति कुशल श्रमिकों को प्रतिवर्ष विश्वकर्मा पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है ।
अंबुज कुमार ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ ने सर्वप्रथम समाज के ऐसे मजदूरों के बारे में विचार प्रस्तुत किया जो कि मालिक एवं मजदूर एक ही व्यक्ति है जैसे कुम्हार, चर्मकार , लोहार, मजदूरों के इस क्षेत्र को विश्वकर्मा क्षेत्र के नाम से जाना गया । शाहिद अख्तर ने कहा कि अब विश्वकर्मा क्षेत्र को चीन ने भी स्वीकार किया है।भारतीय मजदूर संघ संपूर्ण राष्ट्र को एक इकाई मानता है उसके अंग उपांगाओ को ऐसा ही मानता है, जैसे कि शरीर के सभी अंगो का होना जिस प्रकार शरीर के किसी भी अंग में कांटा चुभता है तो जलन दर्द का अनुभव पूरा शरीर करता है ।‌ठीक उसी प्रकार समाज के घटकों का भी परस्पर संबंध होता है इसलिए भारतीय मजदूर संघ वर्ग बाद में विश्वास नहीं करता हम कहते हैं कि संघर्ष वादी नहीं तो क्या साम्यवादी हैं, तो हमारा कहना रहता है कि हम किसी विवाद में विश्वास नहीं रखते हैं हम समन्वयवादी नहीं अपितु समन्वयक्षम है ।
बीडी विश्वकर्मा ने कहां की भारतीय मजदूर संघ ने समाज में 2 वर्ग के सिद्धांत को नकारते हुए कहा कि उद्योग के दो पक्ष हैं पहला पैसे वाला, दूसरा पसीने वाला, मालिक और मजदूर इन दोनों के साथ साथ महत्वपूर्ण पक्ष राष्ट्र भी है ।दोनों एक दूसरे के पूरक हैं बिना एक दूसरे के उद्योग चल नहीं सकता है । शशिकांत श्रीवास्तव प्रदेश महामंत्री उत्तर प्रदेश विद्युत मजदूर संघ ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ ने अपने सिद्धांत के अनुरूप नारा दिया है *देश के हित में करेंगे काम, काम के लेंगे पुरे दाम* तथा “पैसे “और “पसीने” की कीमत समझो एक समान भारतीय मजदूर संघ ने राष्ट्र को सर्वोपरि माना है। राष्ट्र खुशहाल है तो हम भी खुश हाल हैं ।राष्ट्र सुरक्षित है तो हम भी सुरक्षित हैं । उसके बाद उद्योग की भलाई की बात की है क्योंकि उद्योग चलेगा तो भी मजदूर को मजदूरी मिलेगी अन्य संगठनों ने मजदूरों के बीच नारा दिया है कि *चाहे जो मजबूरी हो हमारी मांगे पूरी हो* लेकिन भारतीय मजदूर संघ ने साफ तौर पर कहा है कि देश के हित में करेंगे काम,*काम के लेंगे पूरे दाम* हम देश और उद्योग के हित में कार्य अवश्य करेंगे लेकिन किए गए कार्य के बदले दाम वेतन पूरा लेंगे पूरा काम पूरा दाम।।
कार्यक्रम में राजीव कुमार दुबे, सुनील कुमार पाल,श्याम कुमार गुप्ता, गोविंद यादव ,संतोष शुक्ला ,श्रीजीत ,कन्हैया लाल, गौरव श्रीवास्तव ,गोपाल गिरी ,रामप्रसाद ,श्रीकांत गुप्ता गौरी शंकर मंडल, अंकेश श्रीवास्तव ,दिनेश चौरसिया, अंकित कुमार, अंशु एवं अन्य कार्यकर्ता पदाधिकारी गण उपस्थित रहे संघ कार्यालय पर राष्ट्रीय संघ दिवस के रूप में विश्वकर्मा पूजन कार्यक्रम संपन्न कराया गया कार्यक्रम का संचालन अंबुज कुमार शाखा सचिव ने किया कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शशिकांत श्रीवास्तव प्रदेश महामंत्री उत्तर प्रदेश विद्युत मजदूर संघ , प्रदेश कार्यवाह अध्यक्ष धुरंधर शर्मा ,विभागा अध्यक्ष श्री बीडी विश्वकर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप मे उपस्थित रहे ।भारतीय मजदूर संघ की स्थापना से पूर्व के पांच दशकों में श्रम आंदोलन देश में खड़ा हो चुका था। भारतीय मजदूर संघ ने अपने स्थापना काल से ही तय कर लिया था कि भारत का श्रम दिवस आज शिल्पकार विश्वकर्मा जी की जयंती वाले दिन ही होगा इसके पीछे कारण भी है कि इस दिन को भारत के श्रमिक प्राचीन काल से ही श्रम दिवस के रूप में मनाते आए हैं ।‌ धुरंधर शर्मा ने बताया कि आधुनिक काल में भी विश्वकर्मा जयंती के दिन मजदूर अपने औजारों की पूजा करते हैं ।‌जमशेदपुर‌ के टाटा एवं सभी उद्योगों में कार्यरत सभी पंथों के मालिक एवं मजदूरों के द्वारा विश्वकर्मा जयंती पर यंत्रों की पूजा की जाती है, मजदूर उस दिन छुट्टी भी करते हैं ,यद्यपि प्रारंभ में वामपंथी विचारधारा के लोगों द्वारा इस दिन को मनाने का उपहास किया गया परंतु अब देश का चित्र ही बदल गया है।‌ अनिल सिंह ने बताया कि कई राज्य सरकारों ने इस दिन को श्रम दिवस घोषित कर रखा है ,इसके अलावा भारत सरकार द्वारा भी मजदूर क्षेत्र में अति कुशल श्रमिकों को प्रतिवर्ष विश्वकर्मा पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है ।
अंबुज कुमार ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ ने सर्वप्रथम समाज के ऐसे मजदूरों के बारे में विचार प्रस्तुत किया जो कि मालिक एवं मजदूर एक ही व्यक्ति है जैसे कुम्हार, चर्मकार , लोहार, मजदूरों के इस क्षेत्र को विश्वकर्मा क्षेत्र के नाम से जाना गया । शाहिद अख्तर ने कहा कि अब विश्वकर्मा क्षेत्र को चीन ने भी स्वीकार किया है।भारतीय मजदूर संघ संपूर्ण राष्ट्र को एक इकाई मानता है उसके अंग उपांगाओ को ऐसा ही मानता है, जैसे कि शरीर के सभी अंगो का होना जिस प्रकार शरीर के किसी भी अंग में कांटा चुभता है तो जलन दर्द का अनुभव पूरा शरीर करता है ।‌ठीक उसी प्रकार समाज के घटकों का भी परस्पर संबंध होता है इसलिए भारतीय मजदूर संघ वर्ग बाद में विश्वास नहीं करता हम कहते हैं कि संघर्ष वादी नहीं तो क्या साम्यवादी हैं, तो हमारा कहना रहता है कि हम किसी विवाद में विश्वास नहीं रखते हैं हम समन्वयवादी नहीं अपितु समन्वयक्षम है ।
बीडी विश्वकर्मा ने कहां की भारतीय मजदूर संघ ने समाज में 2 वर्ग के सिद्धांत को नकारते हुए कहा कि उद्योग के दो पक्ष हैं पहला पैसे वाला, दूसरा पसीने वाला, मालिक और मजदूर इन दोनों के साथ साथ महत्वपूर्ण पक्ष राष्ट्र भी है ।दोनों एक दूसरे के पूरक हैं बिना एक दूसरे के उद्योग चल नहीं सकता है । शशिकांत श्रीवास्तव प्रदेश महामंत्री उत्तर प्रदेश विद्युत मजदूर संघ ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ ने अपने सिद्धांत के अनुरूप नारा दिया है *देश के हित में करेंगे काम, काम के लेंगे पुरे दाम* तथा “पैसे “और “पसीने” की कीमत समझो एक समान भारतीय मजदूर संघ ने राष्ट्र को सर्वोपरि माना है। राष्ट्र खुशहाल है तो हम भी खुश हाल हैं ।राष्ट्र सुरक्षित है तो हम भी सुरक्षित हैं । उसके बाद उद्योग की भलाई की बात की है क्योंकि उद्योग चलेगा तो भी मजदूर को मजदूरी मिलेगी अन्य संगठनों ने मजदूरों के बीच नारा दिया है कि *चाहे जो मजबूरी हो हमारी मांगे पूरी हो* लेकिन भारतीय मजदूर संघ ने साफ तौर पर कहा है कि देश के हित में करेंगे काम,*काम के लेंगे पूरे दाम* हम देश और उद्योग के हित में कार्य अवश्य करेंगे लेकिन किए गए कार्य के बदले दाम वेतन पूरा लेंगे पूरा काम पूरा दाम।।
कार्यक्रम में राजीव कुमार दुबे, सुनील कुमार पाल,श्याम कुमार गुप्ता, गोविंद यादव ,संतोष शुक्ला ,श्रीजीत ,कन्हैया लाल, गौरव श्रीवास्तव ,गोपाल गिरी ,रामप्रसाद ,श्रीकांत गुप्ता गौरी शंकर मंडल, अंकेश श्रीवास्तव ,दिनेश चौरसिया, अंकित कुमार, अंशु एवं अन्य कार्यकर्ता पदाधिकारी गण उपस्थित रहे

वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)

वली अहमद सिद्दीकी एक वरिष्ठ भारतीय पत्रकार हैं और वर्तमान में crimejasoos.news के प्रधान संपादक हैं। उन्होंने पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक समय बिताया है और राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समाचारों को कवर किया है। वे राजनीति और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र क्षेत्र में, के विशेषज्ञ हैं।
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