*ओबरा सी परियोजना के मजदूरों का वेतन भुगतान को लेकर अनवरत धरना प्रदर्शन जारी।*

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अशोक मद्देशिया,,

*ओबरा सी परियोजना के मजदूरों का वेतन भुगतान को लेकर अनवरत धरना प्रदर्शन जारी।*
सोनभद्र/जनपद – के ओबरा में भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना ओबरा सी 660*2 1320 मेगावाट की विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य दूसान कंपनी द्वारा किया जा रहा है आपको बताते चलें कि उक्त कंपनी द्वारा 2016 से समतलीकरण से इस परियोजना का श्री गणेश किया गया था गौरतलब है कि दुशान पावर कंपनी के द्वारा विभिन्न कार्यों को दर्जनों एजेंसीज कंपनियों को सौंपा गया कंपनियों द्वारा सैकड़ों पेटी कांट्रेक्टर को काम दिया गया और इनके अधीन हजारों मजदूर अन्य जनपदों व राज्यों से आकर अपना खून पसीना बहा कर इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य कर रहे हैं। अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना में कार्यरत मजदूरों की पीड़ा को समझिए संसद के कानून और सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश इन कार्यदाई कंपनियों के लिए कोई मायने नहीं रखते पहले तो सरकारी न्यूनतम मजदूरी से काफी कम मजदूरी पर काम करने की शर्त पर ही काम दिया जाता है इसके बाद शुरू होता है वादों का सिलसिला हर महीने 1 से 10 तारीख तक वेतन भुगतान का वादा 1 से 10 महीने में बदल जाता है मजदुर अपने वेतन भुगतान की बात करता है तो ठेकेदार पेटी कांट्रेक्टर से भुगतान नहीं मिलना तो पेटी कांट्रेक्टर कंपनी से भुगतान नहीं मिलना अगला अपने ऊपर से नहीं मिलना कहकर पल्ला झाड़ लेता है टालमटोल के खेल में पीसता है तो केवल मजदूर या छोटे ठेकेदार ,200 300 की दीहाड़ी पर मजदूरी करने वाला मजदूर अगर समय से मजदूरी मांग ले तो उसे नेता घोषित करके काम से निकाल दिया जाता है ,अब प्रश्न यह उठता है कि मजदूर अपनी व्यथा कहे भी तो किससे क्योंकि कार्यदाई स्थल से महज कुछ ही दूरी पर कार्यदाई संस्था के उच्च अधिकारी और साथ ही ओबरा निगम के उच्चाधिकारी भी बैठते हैं ,महज 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित तहसील भवन में जिले के कई आला अफसर भी बैठते हैं लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के कानों तक शोषित मजदूरों की आवाज नहीं जाती तभी तो इन मजदुरों को वेतन भुगतान के लिए धरना करना पड़ता है स्थानीय प्रशासन अगर समय रहते नहीं चेता तो मजदूरों की चिंगारी कभी भी उग्र हो सकती है विशेष सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि उक्त कार्यदाई संस्था के अधीनस्थ कंपनी जी डी सी एल में हर माह मजदूरों का वेतन भुगतान को लेकर समय धरना अनशन होता है।

वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)

वली अहमद सिद्दीकी एक वरिष्ठ भारतीय पत्रकार हैं और वर्तमान में crimejasoos.news के प्रधान संपादक हैं। उन्होंने पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक समय बिताया है और राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समाचारों को कवर किया है। वे राजनीति और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र क्षेत्र में, के विशेषज्ञ हैं।
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