उमेश कुमार सिंह,
सोंनभद्र,,
आइपीएफ नेता कांता कोल का निधन अपूरणीय क्षति
आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के उत्तर प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष व सोनभद्र जनपद के संयोजक कांता कोल के आकस्मिक निधन पर आइपीएफ की राष्ट्रीय कार्यसमिति गहरा शोक व्यक्त करती है। ज्ञात हो कि कल घोरावल के परसौना गांव से प्रधान पद का पर्चा दाखिल कर घर लौट रहे कांता कोल गाड़ी से गिर थे जिससे उनके सिर में गम्भीर चोट आई थी। प्रदेष में स्वास्थ्य व्यवस्था में हो रही आपराधिक लापरवाही का आलम यह है कि इस गम्भीर हालत में राबर्ट्सगंज जिला अस्पताल और बीएचयू ट्रामा सेंटर में उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया गया। काफी जद्दोजहद के बाद रात करीब 4 बजे वाराणसी के कबीरचैरा अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया। वाराणसी के सीएमओ और कबीरचैरा के सीएमएस से वार्ता के बाद उन्हें करीब 9 बजे डाक्टर ने देखकर रिफर कर दिया। उन्हें न तो आक्सीजन दी गई और न ही उनका सीटी स्कैन कराया गया।
कांता कोल बेहद अनुशासित, धैर्यवान, जबाबदेह और जनता के प्रति पूर्णतया समर्पित साथी थे। जनता के विरोधियों के विरूद्ध वह दृढ़तापूर्व खड़े रहते थे। उनके पार्टी में जुडने से पूरे घोरावल में काम का विस्तार हो रहा था। कोल को आदिवासी का दर्जा देने व वनाधिकार के तहत पुश्तैनी जमीन पर अधिकार के लिए वह लगातार प्रयासरत थे। आदिवासियों के उभ्भा नरसंहार के बाद उस गांव में पहुंचने वाले पहले राजनीतिक व्यक्ति वह थे। उनके निधन से पार्टी, समाज व सोनभद्र में जन राजनीति की अपूरणीय क्षति हुई है। आइपीएफ इस शोक में उनके परिजनों के साथ है और संकल्प लेता है कि साथी कांता कोल के अधूरे कामों को अंजाम तक पहुंचाया जायेगा।
एस. आर. दारापुरी
राष्ट्रीय प्रवक्ता,
आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट

