चोपन सोनभद्र
अशोक मद्धेशिया
संवाददाता
मंगलवार को बंसत पंचमी के मौके पर चोपन में विशेष पूजा का आयोजन किया गया। इस मौके पर सरस्वती माता की मूर्ति की स्थापना की गई। माता की मूर्ति का विधि विधान से पूजा की गई। ग्रंथों की मान्यताओं के अनुसार माता सरस्वती शिक्षा की देवी है। उनकी पूजा हर कोई करता है। सरस्वती माता की पूजा के बाद भक्तों को प्रसाद के तौर पर पंजीरी का प्रसाद दिया गया। वही दूसरी तरफ कैमूर वन श्रींखला में स्थित खोड़वा पहाड़ पर स्थित मंगेश्वर बाबा के मंदिर पर महादेव की पूजा अर्चना की गई और भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमे दूर दराज से भक्तों का रेला प्रसाद लेने पहुचे।
मान्यता है कि, बंसत पंचमी ऋतु के बदलने का प्रतीक है। इसलिए इसकी पूजा सभी को करनी चाहिए। बंसत को सभी ऋतूओं का राजा कहा जाता है। बसंत पंचमी के दिन से ही वसंत ऋतु की शुरूआत होती है। इस दिन मां देवी सरस्वती की आराधना की जाती है। शिक्षा प्राप्त करने या नई विद्या को सीखने के लिए बसंत पंचमी का दिन शुभ माना जाता है।
*सरस्वती माता की मूर्ति की स्थापना कर विधि विधान से की गई पूजा*
By: वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)
On: Tuesday, February 16, 2021 3:57 PM
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