सोनभद्र संवाददाता(जयदीप गुप्ता)।
कोन। बांग्लादेश में भारतीय हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों एवं निर्दोष हिंदुओं की हत्या के विरोध में शुक्रवार को विश्व हिंदू परिषद के आह्वान पर कोन बाजार में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और बांग्लादेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने “बांग्लादेश मुर्दाबाद”, “हिंदुओं पर अत्याचार बंद करो” जैसे नारे लगाकर आक्रोश व्यक्त किया, जिससे पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
प्रदर्शन की शुरुआत कस्बे के प्रमुख मार्गों सहित बाजारों से जुलूस के रूप में हुई। हाथों में तख्तियां और भगवा झंडे लिए कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश में हिंदू समाज पर हो रहे कथित हमलों की निंदा की। वक्ताओं ने कहा कि बांग्लादेश में मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा है, हिंदुओं के घर जलाए जा रहे हैं और निर्दोष लोगों की हत्या की जा रही है, जो मानवता के खिलाफ अपराध है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग करते हुए भारत सरकार से कड़े कूटनीतिक कदम उठाने का आग्रह किया।
विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू समाज पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। यदि ऐसे कृत्य नहीं रुके तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। साथ ही कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर पीड़ित हिंदुओं के समर्थन में खड़े रहने का संकल्प लिया।
पुतला दहन के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण रहा, हालांकि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या भगदड़ की स्थिति न बने, इसे देखते हुए थाना प्रभारी संजीव सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मुस्तैद रहे। पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और जुलूस व प्रदर्शन पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। पुलिस की सतर्कता के चलते कार्यक्रम बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हुआ।
इस मौके पर हरिशंकर वर्मा, वाचस्पति त्रिपाठी, संतोष पासवान, सुनील मिश्रा, हृदय निवास पाण्डेय, सुशील चतुर्वेदी सहित विश्व हिंदू परिषद के अनेक पदाधिकारी व सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के समापन पर कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते हुए चेतावनी दी कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचार यदि नहीं रुके तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

