सोनभद्र संवाददाता(जयदीप गुप्ता)।
कोन। पिछले कई दिनों से मौसम में आए अचानक बदलाव के चलते क्षेत्र में कड़ाके की ठंड के साथ घना कोहरा छाया हुआ है। तापमान में भारी गिरावट के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। रविवार को जहां दिन भर भगवान सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके, वहीं दूसरे दिन सोमवार को भी सूर्यदेव के न निकलने से ठंड और गलन और बढ़ गई। सुबह से ही कोहरे की मोटी चादर छाई रही, जिससे दृश्यता बेहद कम रही और लोगों को रोजमर्रा के कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
कड़ाके की ठंड और तेज सर्द हवाओं के चलते अधिकांश लोग घरों में ही दुबके रहने को मजबूर हैं। अत्यावश्यक कार्य से बाहर निकलने वाले लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। ग्रामीण और शहरी इलाकों में लोग ठंड से बचाव के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। घरों के बाहर, चौराहों और दुकानों के सामने लोग लकड़ी, दफ्ती और रद्दी कागज जलाकर किसी तरह ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि अलाव के बावजूद तेज गलन से लोगों को पूरी राहत नहीं मिल पा रही है।
घने कोहरे और ठंड का सीधा असर बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है। सुबह के समय बाजार देर से खुल रहे हैं और ग्राहकों की आवाजाही कम होने से सन्नाटा पसरा हुआ है। ठेले-खोमचे लगाने वाले और छोटे दुकानदार ठंड के कारण समय से पहले दुकानें समेटने को मजबूर हैं। वहीं कोहरे के कारण सड़कों पर वाहन चालकों को भी सावधानी बरतनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मौसम का यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में ठंड और परेशानी बढ़ सकती है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लोग प्रशासन से सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में अलाव की व्यवस्था किए जाने की भी मांग कर रहे हैं, ताकि ठंड से कुछ राहत मिल सके।

