सोनभद्र/शक्तिनगर। चिल्काटाड़ क्षेत्र में शिक्षा के नाम पर मानकों की अनदेखी कर एक प्राइवेट स्कूल संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि रेलवे की भूमि पर अवैध कब्ज़ा कर चल रहा यह आदर्श पब्लिक स्कूल केवल कक्षा पाँच तक की मान्यता होने के बावजूद हाई स्कूल के बच्चों को भी पढ़ा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, स्कूल का भवन भी मानक के अनुरूप नहीं है, जहां टीनशेड जैसी अस्थायी संरचना में बच्चों को कक्षाएँ संचालित कराई जा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल में योग्य शिक्षकों की भी कमी है और किसी तरह ‘जुगाड़’ के सहारे शिक्षण कार्य चलाया जा रहा है।
शिक्षा विभाग अनभिज्ञ?
जब इस संबंध में एबीएसए म्योरपुर सुनील कुमार से बात की गई, तो वे स्कूल से संबंधित जानकारी नहीं दे सके। यहां तक कि उन्होंने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि चिल्काटाड़ स्थित स्कूल के पास मान्यता है या नहीं।
रेलवे भूमि पर अवैध रूप से स्कूल चलाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी वे व्यस्त हैं, लेकिन शिकायत मिलने पर मौके पर पहुँचकर जांच करेंगे।
बीते हादसे से नहीं ली सीख
गौरतलब है कि 19 सितंबर को कोटा स्थित एक विद्यालय परिसर में गिरी आकाशीय बिजली से दो बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हुई थी। जांच में पाया गया था कि जिस स्कूल में बच्चे पढ़ाई कर रहे थे, उसका भवन भी मानक के अनुरूप नहीं था। इसके बाद भी ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई की बजाय व्यवस्थाएँ जस की तस बनी हुई हैं।
स्थानीयों में रोष
इस पूरे प्रकरण को लेकर लोगों में नाराज़गी है। उनका कहना है कि शिक्षा से जुड़े संस्थानों में सुरक्षा और मानकों की अनदेखी बच्चों के भविष्य ही नहीं, बल्कि उनकी जान के लिए भी खतरा बन सकती है।

