धनतेरस को हुआ था चिकित्सा विज्ञान के देवता भगवान धन्वंतरि का जन्म –

---Advertisement---

पिपरी से दीपू तिवारी क्राइम
जासूस

(पिपरी सोनभद्र) सनातन धर्म व संस्कृति का प्रमुख पर्व धनतेरस कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष के त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है।

इस बार यह पर्व 18 अक्टूबर को मनाया जाएगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार आज ही के दिन समुद्र मंथन से 14 रत्न निकले थे जिसमें बिष, मां लक्ष्मी के साथ भगवान धन्वंतरि भी थे

मंथन के वक्त निकलते समय भगवान धन्वंतरि के एक हाथ में अमृत कलश था जिससे लोग शारीरिकी कष्टों व रोगों के मुक्ति दिलाने के साथ ही जिसके पीने से जीवन मरण से देव छूट सकते थे। इसी कारण इन्हें चिकित्सा विज्ञान के देवता व देवताओं के वैद्य के रूप में जाना जाता है

और इनकी पूजा आज के दिन की जाती है।इनके साथ मां लक्ष्मी जी व कलश के होने के कारण इस दिन मां लक्ष्मी जी के पूजन व बर्तन खरीदने का कार्य किया जाता है।

इस बार खरीददारी के लिए शुभ मुहूर्त पहला मुहूर्त जो अमृत काल का होता है वह सुबह 8 बजकर 50 मिनट से 10 बजकर 33 मिनट तक रहेगा।वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 1 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा।

साथ ही लाभ उन्नति चौघड़िया मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 51 मिनट से लेकर 3 बजकर 18 मिनट तक रहेगा।

वैसे तो धनतेरस के पूरे दिन आप वाहन,आभूषण व बर्तन की खरीदारी कर सकते हैं। धनतेरस में पूजन के लिए शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में 7 बजकर 16 मिनट से लेकर 8 बजकर 20 मिनट तक का है। इस पर्व के दिन से दीपावली पर्व की शुरुआत हो जाती है ।

वली अहमद सिद्दीकी (प्रधान संपादक)

वली अहमद सिद्दीकी एक वरिष्ठ भारतीय पत्रकार हैं और वर्तमान में crimejasoos.news के प्रधान संपादक हैं। उन्होंने पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक समय बिताया है और राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समाचारों को कवर किया है। वे राजनीति और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र क्षेत्र में, के विशेषज्ञ हैं।
For Feedback - Feedback@crimejasoos.news

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now